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पोप फ्रांसिस ने माना कि कैथोलिक चर्च में ननों का यौन उत्पीड़न किया गया है

1990 के दशक में अफ्रीका में पादरियों द्वारा ननों के साथ रेप की खबरें मिलती रही हैं. इस तरह के स्कैंडल पर अगर चर्च आंखें मूदें रहा तो आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं.

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 Vatican city : पोप फ्रांसिस ने मंगलवार को इस बात को स्वीकार किया कि कैथोलिक चर्च में पादरियों और बिशप द्वारा ननों का यौन उत्पीड़न किया गया है. पोप फ्रांसिस ने ननों के यौन उत्पीड़न के बारे में एक पत्रकार के सवाल पर जवाब दिया कि कुछ ऐसे पादरी और बिशप हैं, जिन्होंने ऐसा किया है. पोप फ्रांसिस ने संयुक्त अरब अमीरात से लौटते समय हवाई यात्रा के क्रम में यह बात कही. बता दें कि अभी हाल ही में वेटिकन सिटी की महिलाओं पर केंद्रित एक पत्रिका में पादरियों द्वारा ननों के उत्पीड़न की बात सामने आयी है.  इसमें कहा गया था कि ननों का गर्भपात कराया गया है या उन्हें अपने बच्चों की परवरिश उन्हें पिता के बगैर ही करनी पड़ रही है.   कहा ना जा रहा है कि यह पहला मौका है जब पोप फ्रांसिस ने पादरियों द्वारा ननों के यौन शोषण की बात मानी है. उनके अनुसार चर्च इस समस्या के समाधान की कोशिश में जुटा है लेकिन यह परेशानी अब भी बरकरार है.

चर्च ने कई पादरियों को सस्पेंड कर दिया है.

पादरियों द्वारा यौन उत्पीड़न का मामला पिछले साल भारत में भी सुर्खियों में रहा. केरल में एक नन ने एक बिशप कई बार रेप करने का आरोप लगाया. पोप फ्रांसिस ने कहा कि यह समस्या कहीं भी देखने को मिल सकती है. मुझे लगता है कि यह अभी भी चल रहा है, क्योंकि यह कुछ ऐसा नहीं है जो अपने आप दूर चला जाये. पोप ने कहा कि चर्च ने कई पादरियों को सस्पेंड कर दिया है. वेटिकन लंबे समय से इस मुद्दे पर काम कर रहा है. पोप फ्रांसिस ने कहा कि मैं यह नहीं सुनना चाहता कि चर्च को इससे समस्या नहीं हुई. पोप ने कहा कि यह एक सांस्कृतिक समस्या थी, जिसकी जड़ें महिलाओं को सेकेंड क्लास के रूप में देखना है.

वेटिकन के ऑस्सेवेरटोरो रोमानो अखबार के साथ बांटे गये सप्लीमेंट वूमेन चर्च वर्ल्ड के फरवरी के अंक में कहा गया था कि प्रतिशोध के डर से नन दशकों से दुरुपयोग पर चुप हैं. इसमें कहा गया है कि वेटिकन को 1990 के दशक में अफ्रीका में पादरियों द्वारा ननों के साथ रेप की खबरें मिलती रही हैं. इस तरह के स्कैंडल पर अगर चर्च आंखें मूदें रहा तो आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं.

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