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कड़ाके की ठंड में गरीबों को नहीं मिलेगा कंबल, जिलों में कंबल का टेंडर फाइनल नहीं

पूरे राज्य में बांटे जाने हैं 10 लाख कंबल, झारक्राफ्ट और खादी बोर्ड ने खड़े किये हाथ

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Ranchi : राज्य सरकार हर साल गरीबों को ठंड से बचने के लिये कंबल उपलब्ध कराती है. इस साल भी सरकार गरीबों को कंबल तो उपलब्ध करायेगी, लेकिन जाड़े के बाद. इसका खुलासा कंबल खऱीद की प्रक्रिया में की गयी एक पड़ताल से हुआ है. कंबल खरीद को लेकर न्यूज विंग ने झारखंड के सभी जिलों के डीसी से संपर्क करने की कोशिश की. छह जिलों के डीसी से बात हो सकी. कंबल खऱीद के बाबत पूछे जाने पर सभी का एक ही जबाव है कि अभी टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. टेंडर फाइनल होने के बाद ही पहले कंबल सप्लाई का ऑर्डर जारी किया जायेगा. फिर कंबल की आपूर्ति होगी. उसके बाद ही गरीबों के बीच कंबल का वितरण किया जायेगा. यहां गौर करने वाली बात यह है कि झारक्राफ्ट और झारखंड राज्य खादी बोर्ड ने भी गरीबों को कंबल उपलब्ध कराने में हाथ खड़े कर दिये हैं. ठंड में गरीबों को कंबल उपलब्ध नहीं कराया जाना सरकार की विफलता को दर्शाता है.

जानिये, किस जिले में कंबल खरीद की प्रक्रिया कहां पहुंची है

रांची – डीसी राय महिमापत रे ने कहा कि टेंडर अभी तक फाइनल नहीं हुआ है. प्रक्रिया में है. दिसंबर के अंत या जनवरी तक कंबल बंटेगा.

लातेहार – लातेहार डीसी राजीव कुमार ने कहा कि जो पहले का बचा-खुचा कंबल है, उसे ही बांट रहे हैं. अभी टेंडर नहीं हुआ है.

सिमडेगा –  सिमडेगा डीसी जटाशंकर चौधरी  ने कहा कि फिलहाल कोलेबिरा उपचुनाव हो रहा है. आचार संहिता लगा हुआ है. चुनाव के बाद ही कुछ संभव हो पायेगा. 

गुमला – गुमला डीसी ने कहा कि सिर्फ 3000 कंबल बांटने का ही टेंडर फाइनल हुआ है. बाकी के लिये प्रक्रिया जारी है.

गोड्डा डीसी – गोड्डा डीसी किरण कुमारी पासी ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. टेंडर फाइनल नहीं हो पाया है. 15 दिनों के अंदर प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी.

साहेबगंज डीसी – साहेबगंज डीसी ने कहा कि कंबल बांटने का टेंडर फाइनल नहीं हुआ है. टेंडर फाइनल होने के बाद ही कंबल का वितरण होगा.

10 लाख कंबल के लिये 30.60 करोड़ का बजट

राज्य में गरीबों के बीच 10 लाख कंबल बांटे जाने हैं. इसपर 30.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे. हर साल जिले के डीसी की देख-रेख में कंबल वितरण किया जाता है. इस बार जिला श्रम अधिकारी को कंबल वितरण की जिम्मेवारी सौंपी गई है. 29 करोड़ रुपये एलॉट भी कर दिये गये हैं. पहले डीसी को यह एलॉटमेंट जाता था.

पिछले साल विवादों में रहा था झारक्राफ्ट

कंबल वितरण को लेकर पिछले साल झारक्राफ्ट विवादों में रहा था. झारक्राफ्ट ने पिछले साल लगभग नौ लाख कंबल का वितरण किया था. कंबल खऱीद में बड़ा घोटाला हुआ. इस साल झारक्राफ्ट एक लाख ही कंबल उपलब्ध कराने की स्थिति में है. वहीं खादी बोर्ड ने अपने हाथ खड़े कर लिये हैं.

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