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#Jammu_Kashmir : डीएसपी देविंदर सिंह की गिरफ्तारी पर राजनीति तेज, कांग्रेस ने RSS पर तंज कसा, पुलवामा हमले पर भी सवाल उठाये

देविंदर सिंह की जगह देविंदर खान होता तो RSS के ट्रोल रेजिमेंट की प्रतिक्रिया ज्यादा कठोर और मुखर होती. उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों की आलोचना रंग, संप्रदाय और धर्म देखे बिना होनी चाहिए.

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NewDelhi : जम्मू-कश्मीर में दो आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार हुए डीएसपी देवेंद्र सिंह की  गिरफ्तारी के बाद राजनीति भी तेज हो गयी है. कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर और टि्वटर पर अपने पोस्ट डालकर सीधा केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है.  डीएसपी देविंदर सिंह की आतंकवादियों के साथ संबंधों के खुलासे पर जारी बहस को लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने नया मोड़ दे दिया है.

उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी का नाम देविंदर सिंह की जगह देविंदर खान होता तो सोशल मीडिया पर RSS की ट्रोल आर्मी हंगामा बरपा देती. अधीर रंजन चौधरी ने पुलवामा हमले का मामला फिर उठाया है. कहा कि इस भयावह घटना के पीछे असल में किसका हाथ था, इसकी भी दोबारा जांच की जानी चाहिए.

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देविंदर सिंह की जगह देविंदर खान होता तो…

कांग्रेस प्रववक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस विवाद में कूदते हुए गिरफ्तार डीएसपी को सिर्फ मोहरा करार देते हुए गृह मंत्री और प्रधानमंत्री से पूछा है कि असली साजिशकर्ता कौन है? कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने डीएसपी की गिरफ्तारी से हुए खुलासे से संबंधित एक के बाद एक तीन ट्वीट किये हैं.

पहले ट्वीट में उन्होंने RSS पर निशाना साधते हुए लिखा,देविंदर सिंह की जगह देविंदर खान होता तो RSS के ट्रोल रेजिमेंट की प्रतिक्रिया ज्यादा कठोर और मुखर होती. उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों की आलोचना रंग, संप्रदाय और धर्म देखे बिना होनी चाहिए.

जान लें कि डीएसपी सिंह को पुलिस ने दो आतंवादियों के साथ गिरफ्तार किया था. उस वाहन में पांच ग्रेनेड थे और बाद में सिंह के घर की तलाशी में दो एके-47 राइफल भी मिली थी. सिंह ने राज्य पुलिस के कई वरिष्ठ पदों पर काम किया है. पुलिस ने उसे दो आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार किया था.

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डीएसपी देवेंद्र सिंह की गिरफ्तारी से सुरक्षा हलकों में भूचाल  

डीएसपी देवेंद्र सिंह की गिरफ्तारी ने सुरक्षा हलकों में एक तरह से भूचाल मचा दिया क्योंकि इसमें फांसी पर चढ़ाये गये अफजल गुरु का भी नाम सामने आया है. पुलिस ने देवेंद्र सिंह को आतंकवादी मानते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है लेकिन राजनीति में एक नया हंगामा शुरू हो गया है.

कांग्रेस इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है और सरकार से जवाब तलब कर रही है. इसी कड़ी में अधीर चौधरी ने ट्वीट कर कहा कि घाटी में बड़ी कमी उजागर हुई है जो हम पर भारी पड़ती दिख रही है. हम खुद को पाखंडी और मूर्ख नहीं बना सकते.

कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने आगे लिखा, देवेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल उठना लाजिमी है कि पुलवामा हमले के पीछे किसका हाथ था. इस पर नये सिरे से गौर करना जरूरी है. बता दें, पिछले साल 14 फरवरी को पुलवामा में भीषण आतंकी हमला हुआ था जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गये थे. इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्से का ज्वार उमड़ पड़ा था. कांग्रेस पार्टी शुरू से इस हमले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधती रही है.

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डीएसपी मोहरा भर है और इसका मुख्य साजिशकर्ता कहीं और है?

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पूछा है कि देवेंद्र सिंह कौन है? 2001 में संसद पर हुए हमले में उसका क्या रोल था, पुलवामा में हुए आतंकी हमले में उसका क्या रोल था, जहां वो डीएसपी के पद पर तैनात था. सुरजेवाला ने कहा है कि क्या वो अपनी कार में हिज्बुल के आतंकियों को ले जा रहा था. या वो पूरी साजिश का सिर्फ एक मोहरा भर है और इसका मुख्य साजिशकर्ता कहीं और है?

हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के 2 आतंकियों के साथ गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर पुलिस का डीएसपी देवेंद्र सिंह श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात था. उसने जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गये विदेशी राजनयिकों को भी रिसीव किया था. एंटी-हाईजैकिंग स्क्वॉड के डीएसपी देवेंद्र सिंह को आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाने के लिए राष्ट्रपति मेडल से भी नवाजा जा चुका है. देवेंद्र सिंह एंटी टेरर ग्रुप का भी सदस्य था.

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SP Deoghar

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