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#Politicalgossip: नह…नह…हमरा उम्मीदवार को टिकट नहीं मिला तो बहुते नाइंसाफी हो जाएगा

बीजेपी ऑफिस के पीछे वाला मटन दुकान के तो लॉटरी लग गया है. बिक्री ऐतना बढ़ गया है कि तीन-चार गो बकरा ज्यादा काट रहा है.

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Akshay Kumar Jha

Ranchi: एकदम ऐसन लग रहा है कि जैसे बीजेपी प्रदेश कार्यालय में कोई मेला लगल है. ई वाला मेला कोनो ऐसन-वैसन वाला मेला नहीं है बल्कि चुनाव वाला मेला है. जिधर देखिए उधरे सब सेटिंग में लगल है. नेता लोग के साथ पहुंचे समर्थक लोग को देखिए तो लगता है पक्का इनका नेता चुनउवा यहां से जीतिए के जाएगा.

नेता जी लोग भी रांची प्रदेश कार्यालय आने के लिए ताजा-ताजा मार्केटिंग किये हैं. डिजाइन-डिजाइन के कुर्ता और बंडी. चेहरा पर ऐसन-ऐसन रिएक्शन है कि का बताएं. बीजेपी ऑफिस के पीछे वाला मटन दुकान के तो लॉटरी लग गया है. बिक्री ऐतना बढ़ गया है कि तीन-चार गो बकरा ज्यादा काट रहा है.

चाय वाला को तो फुर्सते नहीं है. वहीं पीछे चाय दुकान पर पांच बार के सांसद के बेटा ऐसन मुंह बना कर बैठइल है जैसे कोई मातम में आयल हो. ऊपर से साथे आयल समर्थक लोग ले-मटन के दे-मटन करले है. वहीं दुकान पर चाय की चुस्की लेके एक गो चाचा कहते हैं कि अगर उनके उम्मीदवार को टिकट नहीं मिला तो एकदम से नाइंसाफी हो जाएगा. ऐसा तो पार्टी को कभियो नहीं करना चाहिए. दिल्ली से एगो दीदी भी टिकट लेवे आयी है. वो दिल्ली बीजेपी कार्यालय में कुछ काम करती हैं. लेकिन झारखंड की रहने वाली हैं तो टिकट पर दावेदारी करे आ गयी हैं.

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पैरवी के डरे सांसद छिपे गुमनाम होटल में, पीए साहब नहीं उठा रहे फोन

घूमते-घूमते एक सांसद के ए गो मेन आदमी भेंटा गये. बोले सांसद जी से मीलिएगा का. जैसे ही हमने हांमी भरी, उन्होंने फोन निकाला और पीए साहब का फोन घनघना दिया. पीए साहब फोनो पर धीरे से बतिया रहे थे कि कौनो सुन ना ले. ऐसन होटल का नाम बताया कि का बताए. खोजते खोजते हालत खराब. मिलते ही मेन आदमी ने पूछा काहे इतना छिप कर बैठल है भाई. पीए साहब ने जवाब दिया. ऐतना उम्मीदवार के पैरवी है कि का बताएं.

ई लोग को समझे में नहीं आता है कि टिकट पार्टी देगा हम नहीं. सुबह से 100 आदमी के खाली पैरवी के लिए फोन आ गया है. सब पूछ रहा है कि कहां हैं. पता बता देंगे तो तुरते दस गो के साथ पहुंच जाएगा. फोटो खिंचाएगा और फेसबुक में लगा देगा. अब दोसर दावेदार को लगेगा कि अरे देखो सांसद महोदय तो ऐकर पैरवी कर रहे हैं. इसलिए चुप-चाप होटल में छिपल है. जब काम होगा तो निकलेंगे. लेकिन किसी को पता तो नहींए बताएंगे.

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