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आपराधिक गतिविधियों से बचें राजनीतिक दल, जनता समझे मताधिकार का महत्व : एल. ख्यांगते

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Ranchi : चुनाव नजदीक है. ऐसे में राजनीतिक पार्टियां भी तैयारी कर रही हैं. पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराने के बाद भी चुनाव आयोग पर भी उंगलियां उठायी जाती हैं. ऐसे में जरूरी है कि जनता अपने अधिकार जाने. जनता को अगर चुनाव में कोई भी प्रत्याशी नापसंद है, तो नोटा का बटन दबा सकती है. लेकिन, ऐसा करने के लिए जनता के बीच एक मत भी होना चाहिए. उक्त बातें झारखंड के मुख्य चुनाव पदाधिकारी एल. ख्यांगते ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म और झारखंड इलेक्शन वॉच की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कहीं. उन्होंने कहा कि जनता को समझना होगा कि वह राजनीतिक पार्टियों के बहकावे में न आये. स्वच्छ चुनाव के लिए जरूरी है कि मतदाता भी अपने आपको सशक्त बनायें. चुनाव में एक मत की भी काफी अहमियत होती है. ऐसे में लोगों को समझना होगा अपना मताधिकार. कार्यक्रम का विषय चुनावी और राजनीतिक सुधार रखा गया था, जिसमें राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे. एल. ख्यांगते ने कहा कि चुनाव में राजनीतिक पार्टियों की ओर से किसी तरह की आपराधिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए. इससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं. साथ ही, जनता में भी चुनाव को लेकर एक भय उत्पन्न होता है.

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पारदर्शिता जरूरी

उन्होंने कहा कि चुनाव में राजनीतिक पार्टियों को अपने स्तर पर स्वच्छ छवि बनानी चाहिए और यह तभी संभव है, जब लोगों को यह पता चले कि इन पार्टियों की आय के स्रोत क्या हैं. पार्टियां चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च करती हैं. वहीं, पार्टियों में आपस में सामंजस्य भी होना चाहिए, तभी चुनाव में पारदर्शिता आयेगी.

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राज्य के 36 विधायकों पर गंभीर आरोप

झारखंड इलेक्शन वॉच के संयोजक सुधीर पाल ने जानकारी दी कि एक सर्वे से जानकारी हुई है कि राज्य में 81 विधायकों में से 52 विधायकों की आपराधिक छवि है. वहीं, इनमें से 36 ऐसे लोग हैं, जिन पर गंभीर आरोप के केस चल रहे हैं. ऐसे में जनता की जिम्मेदारी बढ़ती है कि वह कैसे उम्मीदवार को चुने.

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राजनीतिक दलों की आय के स्रोत अज्ञात

सुधीर पाल ने बताया कि 70 फीसदी राजनीतिक दलों की आय के स्रोत अज्ञात हैं. उन्होंने बताया कि एडीआर के 2013 से 2014 के आंकड़ों के अनुसार छह राष्ट्रीय पार्टियों की 69.3 प्रतिशत आय के स्रोत अज्ञात हैं. उन्होंने बताया कि इन पार्टियों को पार्टी कूपन बेचकर भी करोड़ों का लाभ होता है.

ये थे उपस्थित

मौके पर हलधर महतो, एके राशिदी, विष्णु राजगढ़िया, एके सिंह, पॉल बेक समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे.

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