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भारत में हाल के समय में बढ़ी कट्टरता राजनीतिक कवायद है : थरूर

शशि थरूर ने कहा कि भारत में हाल के समय में बढ़ी कट्टरता निश्चित तौर पर राजनीतिक कवायद है और यह देश में अधिकतर लोगों की वास्तविक भावना को नहीं दर्शाती है

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 New York : कांग्रेस नेता और लेखक शशि थरूर ने कहा कि भारत में हाल के समय में बढ़ी कट्टरता निश्चित तौर पर राजनीतिक कवायद है और यह देश में अधिकतर लोगों की वास्तविक भावना को नहीं दर्शाती है. थरूर ने कहा, वर्तमान में जो चल रहा है वह अस्थायी चरण है. जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आयोजित इंडिया सूत्र में एक वार्तालाप के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं. इसका आयोजन सीजन ऑफ इंडिया एट एशिया सोसायटी के तहत हुआ. उन्होंने कहा कि हमने जिस तरह की कट्टरता देखी वह हाल के वर्षों में राजनीतिक कवायद है और मेरे अनुसार यह अधिकतर भारतीय लोगों की वास्तविक भावना को नहीं दर्शाता है.

व्हाई आई एम ए हिंदू के लेखक थरूर ने हिंदूत्ववाद के बारे में कहा, शानदार तथ्य यह है कि अनिश्चितता के युग में एक ऐसा धर्म है जो अनिश्चितता को विशेषाधिकार देता है. बता दें कि थरूर हिंदू और शाकाहारी होने पर गर्व करते हैं. जान लें कि भारत के इतिहास, संस्कृति, फिल्म, राजनीति, विदेश नीति आदि विषयों पर 16 से अधिक बेस्ट सैलर  लिखी हैं.

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लंबे समय तक ट्विटर पर उनके फालोअर्स की संख्या देश में सबसे ज्यादा थी

उनके  वक्तव्य, स्तंभ, लेख और विश्लेषण दुनिया भर के बड़े अखबारों में प्रकाशित होते हैं. देश की राजनीति, अर्थशास्त्र और विदेशी मामलों पर विश्व स्तर पर पकड़ रखने वाले थरूर  कुशल वक्ता हैं. देश में राजनीतिक संवाद के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल सबसे पहले करने वालों में शशि थरूर शुमार हैं.  बता दें कि लंबे समय तक ट्विटर पर उनके फालोअर्स की संख्या देश में सबसे ज्यादा थी. 2013 तक वह सबसे ज्यादा फालोअर्स वाली शख्सियत थे,  बाद में वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पिछड़ गये.

 

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