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आंगनबाड़ी सेविकाओं पर लाठीचार्ज करने में शामिल पुलिसकर्मियों पर धारा 307 के तहत हो मुकदमा : JMM

पार्टी प्रवक्ता ने कहा- महिला सेविकाओं पर लाठीचार्ज बीजेपी शासन की बर्बरता की पराकाष्ठा है 

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Ranchi: अपनी मांगों को लेकर विगत 40 दिनों से धरने पर बैठी आंगनबाड़ी सेविकाओं पर हुए लाठीचार्ज को जेएमएम ने क्रूरता और बर्बरता बताया है.

पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि एक तरफ संथाल का दौरा कर मुख्यमंत्री रघुवर दास राज्य की महिलाओं, माताओं के उत्थान को बीजेपी सरकार का मुख्य लक्ष्य बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही सेविकाओं की सुध तक नहीं लेना चाह रहे हैं.

सुनिये सरकार, लाठी चार्ज पर क्या कह रहे हैं लोग, कैसे कोस रहे हैं, पुलिस वाले भी उठा रहे हैं सवाल

दरअसल उनका यह वक्तव्य केवल चुनावी जुमला ही है. महिला सेविकाओं पर हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के लिए केवल पुलिस ही नहीं बल्कि बीजेपी सरकार के सभी जनप्रतिनिधि जिम्मेवार हैं. उन्होंने जेएमएम की तरफ से मांग की कि वायरल हुए वीडियो फुटेज में जो भी पुलिसकर्मी सेविकाओं पर लाठीचार्ज करते दिख रहे हैं, उन्हें तत्काल ही सेवा से बर्खास्त कर उन पर आपराधिक धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाये.

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रघुवर सरकार की दमनकारी नीतियों का यह पहला उदाहरण नहीं

उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद से कई संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर विभिन्न सरकारों के खिलाफ आंदोलन किया है. उस आंदोलन में जो भी परिणाम सामने आया है, उन सबकी पराकाष्ठा मंगलवार को देखने को मिली, जहां रघुवर सरकार की शह पर रांची पुलिस ने हद पार कर दी.

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उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार की दमनकारी नीतियों का यह पहला कोई उदाहरण नहीं था. इससे पहले भी गत वर्ष नवंबर माह के दौरान राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में पारा शिक्षकों पर पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज किया गया था.

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि महिला सम्मान की बात करनेवाली बीजेपी के विधायक पर भी पार्टी की महिला कार्यकर्ता ने बलात्कार और यौन शौषण का आरोप लगाया है. यहां तक कि हाइकोर्ट ने भी इस पर संज्ञान लिया हुआ है. लेकिन रघुवर सरकार इसे दरकिनार कर रही है.

डेढ़ माह से सुध नहीं लेने से हताशा थीं सेविकाएं

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार की यह बर्बरता नहीं तो और क्या है, जब महिला आंगनबाड़ी सेविकाओं पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया. सभी पुलिसकर्मी लाठियों से लैस थे. बिना कोई सूचना दिये पुलिस ने सेविकाओं पर लाठी चलायी.

सेविकाओं की गलती बस इतनी ही थी कि विगत डेढ़ माह से उनकी मांगों को लेकर जब सरकार या उसके कोई प्रतिनिधि ने सुध नहीं लिया, तो उऩ्होंने अपनी पीड़ा बताने के लिए उनके आवास को घेरने की कोशिश की. सेविकाएं इसलिए भी हताश हो गयी थीं, क्योंकि सीएम रघुवर दास शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रही महिलाकर्मियों को नौकरी से निकालने की धमकी देने लगे हैं.

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