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Breaking :  सीएम #RaghuwarDas का आवास घेरने जा रहीं आगनबाड़ी सेविकाओं पर पुलिस ने किया बल प्रयोग, देखें वीडियो

Ranchi : पिछले एक माह से आंदोलनरत आंगनबाड़ी सेविकाओं पर पुलिस ने बल प्रयोग किया है. इन सेविकाओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा उस समय बल प्रयोग हुआ, जब वे सीएम आवास का घेराव करने जा रही थीं.

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सबसे आश्चर्य की बात यह देखने को मिली कि महिला सेविकाओं पर लाठी चार्ज पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा किया गया है. बता दें कि अपनी  मांगों को लेकर राजभवन के समक्ष 40 दिनों से बैठी इन सेविकाओं की जब मांग सरकार नहीं सुन रही थी, तो इन्होंने सीएम आवास घेराव करने का फैसला किया था. एडीएम लॉ आर्डर मौके पर आंगनबाड़ी सेविकाओं से वार्ता के लिए पहुंचे हैं.

दौड़ा-दौड़ा कर पीट कर रहे थे

पुलिस के बल प्रयोग किये वीडियो में साफ दिख रहा है कि इन महिला सेविकाओं पर महिला नहीं बल्कि पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा बल प्रयोग किया गया है. इस दौरान मीडिया से बातचीत में महिला सेविकाओं ने भी नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि महिला सेविकाओं को पुरुषकर्मी दौड़ा-दौड़ा कर पीट कर रहे थे.

इससे पहले धरने पर बैठी आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका  मंगलवार लगभग 3:00 बजे आक्रोशित होकर राजभवन के पास लगे बैरिकेट को तोड़ राजभवन गेट के पास पहुंच गयीं. इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया. खबर लिखे जाने तक कई सहायिकों के घायल होने की सूचना है.

किन्हीं को हाथ में चोट लगी है तो किसी को पैरों में. इससे नाराज आक्रोशित आंगनवाड़ी सेविकाएं लगातार सरकार के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी कर रही हैं.

मांगों को लेकर 88,000 सेविकाएं हैं आंदोलन

झारखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले ये महिलाएं पिछले 21 अगस्त से आंदोलनरत हैं. राज्य में इनकी संख्या लगभग 88,000 है. सेविकाओं ने सरकार के समक्ष कई मांगों को रखा है.

इसमें आंगनबाड़ी कर्मियों का स्थायीकरण, जनवरी 2018 में हुए समझौते को लागू करने, मानदेय के स्थान पर वेतन देने, न्यूनतम वेतन लागू करने, समान काम के लिये समान वेतन दिये जाने सहित स्वास्थ्य बीमा देने की मांग है.

पिटायी से एक सेविका का हाथ टूटा, गालियां भी दीं

एक आंगनबाड़ी सेविका को ज्यादा चोट लगी है. उसने रोते हुए मीडिया को बताया कि हमने कुछ नहीं किया, फिर भी पुलिस वाले आये और पीटने लगे. जिसमें मेरा हाथ टूट गया है. साथ ही कहा कि हम सब खड़े थे, तभी पुरुष पुलिस वाले आये और पीटना शुरू कर दिया.

कहने लगे कि ज्यादा करोगी तो हाथ पैर तोड़कर यहीं बैठा देंगे. साथ ही दर्द से कराहते और रोते हुए बताया कि पुलिसवालों ने आगनबांड़ी सेविकाओं को गंदी-गंदी गालियां भी दीं.
एक साथ वहां मौजूद आगनबांड़ी सेविकाओं ने बताया कि यदि पुलिस वाला सामने आया तो हमसब उसे पहचान लेंगे.

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