JharkhandRanchi

थाना, ओपी पोस्ट व ट्रैफिक में तैनात जवानों को करनी पड़ती है 11 से 14 घंटे की ड्यूटी, नहीं मिलता सप्ताहिक अवकाश

Ranchi: झारखंड में पुलिस बल के लिए स्वीकृत पदों की संख्या 73 हजार 713 है. लेकिन इनमें से 15 हजार 400 पद खाली हैं. जिसका असर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है.

सबसे अधिक इसका असर थाना, ओपी पोस्ट और ट्रैफिक में तैनात अधिकारियों और जवानों के ऊपर पड़ रहा है. उन्हें खुद को फिट रखने का वक्त नहीं मिलता. 70 प्रतिशत पुलिस अधिकारी व जवान काम के बोझ से दबे हैं.

पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 72 प्रतिशत पुलिसकर्मी 11 घंटे से अधिक और 28 प्रतिशत पुलिसकर्मी 14 घंटे काम करते हैं.

लगभग आधे पुलिस वालों ने यह शिकायत की है कि तकरीबन हर महीने छुट्टी के दिन भी उन्हें ड्यूटी पर बुला लिया गया. लगातार काम करने और छुट्टी नहीं मिलने की वजह से पुलिसकर्मी मानसिक तनाव से गुजरते हैं

इसे भी पढ़ें- आम्रपाली केस में बड़ा खुलासाः फ्लैट खरीददारों का पैसा धोनी की पत्नी साक्षी की कंपनी में हुआ ट्रांसफर

नहीं मिलता साप्ताहिक अवकाश

पुलिस कार्यालयों में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों व जवानों को तो रविवार या फिर किसी त्योहार के मौके पर छुट्टी मिल जाती है, लेकिन थाना, ओपी पोस्ट, ट्रैफिक में तैनात अधिकारियों व जवानों को सातों दिन काम करना पड़ता है.

सबसे कठिन ड्यूटी तो ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मी और अधिकारियों की है जो सुबह के 8:30 बजे से रात के 9:30 बजे तक ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात रहते हैं.

झारखंड पुलिस से 8 घंटे ड्यूटी लेने का आदेश नहीं हुआ पूरा

पांच फरवरी 2019 को पुलिस मुख्यालय के द्वारा पुलिसकर्मियों से 8 घंटे काम और सप्ताह में एक दिन की छुट्टी देने का आदेश जारी किया था. यह आदेश झारखंड पुलिस मुख्यालय ने मुशहरी कमेटी की अनुशंसा पर जारी किया गया था.

आदेश के जारी हुए महीनों बीत गए बावजूद इसके अभी भी पुलिसकर्मियों से 8 घंटे से ज्यादा की ड्यूटी करायी जा रही है. वर्तमान में जहां पीसीआर वैन में तैनात पुलिस कर्मियों को 12 से 14 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है. वहीं थाने में तैनात पुलिस कर्मियों को भी 12 से 14 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है. साथ ही ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी सुबह के 8:30 से लेकर रात के 9:30 तक ड्यूटी करना पड़ रहा है.

इसे भी पढ़ें- ढुल्लू महतो के आगे क्यों मजबूर है बहुमत वाली रघुवर सरकार

कई बीमारियों के शिकार हो रहे पुलिसकर्मी

रोज ज्यादा समय तक काम करने की वजह से अधिकांश पुलिसकर्मियों में चिड़चिड़ापन आ जाता है. जिस कारण आम लोगों के प्रति उनके खराब व्यवहार की बातें सामने आती हैं.

पिछले दिनों एक सर्वे में यह बात सामने आयी थी कि रांची जिला के अधिकांश ट्रैफिक पुलिसकर्मी या तो लीवर की बीमारी के शिकार हैं या शिकार होने के करीब हैं. इसलिए जरूरी है कि पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ायी जाए, ताकि काम के घंटे को कम किया जा सके. हालांकि इस ओर अभी तक कोई भी उचित कदम नहीं उठाया गया है.

क्या कहते हैं जवान

ट्रैफिक पोस्ट व थाने में तैनात कई पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से बात करने पर उन्होंने बताया कि खुद के लिए समय नहीं मिल पाता है. 11 से 14 घंटे की ड्यूटी हर दिन करनी पड़ रही है. हमलोगों के लिए 8 घंटे की ड्यूटी करने का आदेश भी जारी हुआ था लेकिन उसका कोई पालन नहीं हो रहा है. सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए.

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: