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13 महीने के वेतन पर बोले पुलिस कर्मी- हमें सरकारी कैलेंडर में जितनी छुट्टी है दे दें और कुछ नहीं चाहिए

इंद्रजीत कुमार

We are not happy because govt. remove our 20 CPL leave in exchange for 13 month salary. The same type of order passed in Bihar but after some time govt.

remove the order because we are not in leave on Sunday or any gazette leave which are passed by state govt. So our demand is that same guideline needs to be followed by Jharkhand govt.

सुशांत मिश्रा

ये 13 महीनें का वेतन हमलोगों के लिए नाको चने चबाने जैसा है. इस फैसले का हमलोग पुरजोर विरोध करते हैं.

मो. शारिक अख्तर

18 दिन के आकस्मिक अवकाश में वरीय पदाधिकारी के द्वारा 2 दिन बंदी तक नहीं दी जाती है. क्या पूरे साल में 18 दिन में दो बार घर जाएंगे. हमलोग झारखंड सरकार की नहीं ड्यूटी बल्कि हिंदुस्तान से बाहर ड्यूटी कर रहे हैं ऐसा लगता है.

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बिनोद उरांव

मै सरकार से कहना चाहुंगा सारे पुलिसकर्मी के 13वें महीने का वेतन आप ही ले लिजिए और हमें झारखंड कैलेंडर में जो छुट्टी है उसे दे दिजीये.

और सरकार से कहूंगा एक बार पुलिस बनकर 24 घंटे ड्यूटी करके सारे पर्व-त्योहार छोड़ कर साल में 18दिन आपने परिवार से मिलिए तो पता चल जायेगा किस कदर पुलिसकर्मी को दर्द होता है.

सत्येंद्र पाण्डेय

हम सभी पुलिसकर्मियों को 13वें महीने का वेतन देकर छला गया है. हमें और क्या दिया जाता है, ना ही चिकित्सा जैसी सुविधा, जो मुझे और मेरे पूरे परिवार को मेडिकल की सुविधा मिले, जिससे मैं और मेरा पूरा परिवार खुश रहे. इस सरकार में सिर्फ बड़े लोगों को आगे बढ़ाने की तरफ ध्यान दिया गया.

विकास सिर्फ अपना नहीं होता है, सभी वर्ग के लोगों का उसके अनुसार होता है. वक्त बहुत जल्द आएगा जो इस सरकार को जवाब देगा. प्रत्येक पर्व और एक छोटा से छोटा कार्य में भी ड्यूटी लगायी जाती है और वरीय पदाधिकारी से छुट्टी मांगों तो जवाब में बाद में देने की बात कही जाती है.

आप ही बताए सरकार 18 दिन मैं क्या होता है, वैसे हमारे कमजोर एसोसिएशन के रोल भी नेगेटिव है. मैं इसका समर्थन नहीं करता हूं, ना सरकार का और ना ही एसोसिएशन का.

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अभिषेक कुमार

सभी राज्य सुधर सकते हैं, लेकिन झारखंड नहीं. यहां व्यवस्था ही ठप है.

अशोक कुमार

बिहार की तर्ज पर ही झारखंड को भी सारी सुविधा देनी होगी, वरना आंदोलन होगा. ये फैसला पुलिस के हित में नहीं.

विजय कुमार

हमें 13वें महीना का वतन नहीं चाहिये. हमें 18 CL और 20 CPL तथा 84 राजकीय अवकाश चाहिये. सरकार से 20 CPL के बदले 13 वें महीने का वेतन नहीं चाहिए.

उमेश कुमार

मैं जगुआर से हूं. हमें ना ही 50% और ना ही 13 महीने का वेतन.

सच्चिदानंद कुमार

सरकार ने 13 महीना का वेतन देने के लिए आदेश जारी किए हैं, वह तो ठीक है. लेकिन सरकार ने साथ ही साथ कुछ नियम और शर्तें लगा दिये हैं वह सरासर गलत है. जवानों की छुट्टी सीपीएल समाप्त कर दिए गये हैं.

ऐसे ही कुछ जवान 24 घंटा ड्यूटी करते मानसिक तनाव से ग्रसित हो जाते हैं. तनाव मुक्त रहने के लिए जवान छुट्टी लेकर घर जाते हैं, ताकि तनावमुक्त रहें और सरकार के द्वारा वह छुट्टी भी रद्द कर दी गई है. यह जवानों के साथ न्याय नहीं है.

साथ ही साथ झारखंड जगुआर एसटीएफ को 13 महीना का वेतन से वंचित रखा गया है, जबकि बगल में बिहार सरकार के द्वारा 13 महीना एसटीएफ को भी मिल रहा है.

बिहार सरकार के द्वारा 13 महीना वेतन देने के लिए वहां कोई भी नियम और शर्तें लागू नहीं है. ठीक उसी प्रकार झारखंड सरकार को भी कोई भी नियम और शर्तें लागू नहीं करनी चाहिए.

ये जवानों के साथ उचित नहीं है अगर जवान खुश रहेंगे तो वह अपनी ड्यूटी सही से निर्वहन करते रहेंगे. मानसिक तनाव से दूर रहेंगे और अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा के साथ पूरा करेंगे.

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नीतू कुमारी

13वें माह के अतिरिक्त वेतन की घोषणा 70000 पुलिस एवं हवलदार सहायक अवर निरीक्षक पुलिस अवर निरीक्षक एवं पुलिस निरीक्षक के लिए महज एक धोखा है. पूर्व से मिलने वाली हमारे 20 दिन की क्षतिपूर्ति अवकाश को समाप्त कर दिया गया है. यदि आप उस वित्तीय वर्ष में ईएल अवकाश में जाते हैं या 7 दिनों से अधिक ट्रेनिंग में जाते हैं या आप निलंबित हो जाते हैं.

वैसे पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों को 13 माह का वेतन मुश्किल है. हमारी लड़ाई विधि व्यवस्था एवं अन्य ड्यूटी में रहने की वजह से जो राजकीय गजट में अवकाश घोषित है उसका उपभोग नहीं कर पाते. एक वर्ष में कुल 34 दिन झारखंड राज्य के गजट में अवकाश घोषित है, इसी के एवज में 13 माह का वेतन दिया जाना था.

जबकि हमारा जो स्वीकृत 20 दिनों का क्षतिपूर्ति अवकाश था, उसे भी समाप्त कर दिया गया है. पुलिस विभाग के अलावा अन्य दूसरे विभागों में रविवार को अवकाश होता है. एक वर्ष में कुल 52 दिनों का रविवार होता है. वह भी हमें नहीं मिलता है. इसी एवज में 13 महीने की वेतन की मांग रखी गई थी, लेकिन हम सभी पुलिसकर्मियों पदाधिकारियों के साथ सरासर धोखा हुआ है.

इसके लिए पुलिस मेंस एसोसिएशन एवं पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारी प्राधिकार सरकार से अभिलंब अपनी बात रख कर उन सभी त्रुटियों को दूर कराने की दिशा में सार्थक पहल करें. और सभी त्रुटियां सरकार एवं प्राधिकार द्वारा दूर कर दी जाती है अर्थात निपटा दी जाती हैं, तभी माना जा सकता है कि हम सफल हुए हैं.

अपने विचार, फैसले की खामियां और अपनी मांग यहां लिखें – https://newswing.com/feedback-page/

प्रद्युमन सिंह

सरकार अपने 13 माह के वेतन को अपने पास रखें, हमें सरकारी कैलेंडर में जितनी छुट्टी है दे दे, हमें और कुछ नहीं चाहिए.

मनबोध सिंह

मैं सरकार की 13 महीने के फैसले का स्वागत करता हूं, लेकिन इनकी कोई शर्त या कंडिका सिपाहियों के पक्ष में नहीं है. हमें बिहार पुलिस की तरह 13वें महीने का वेतन चाहिए और साथ में 20 दिनों का सीपीएल.

इसके साथ ये बात स्पष्ट किया जाए कि पर्व-त्योहार को और चुनाव ड्यूटी को या कोई एमरजेंसी डयूटी को छोड़, पुलिस कर्मी को जब छुट्टी चाहिए तब उसकी छुट्टी स्वीकार कर ली जायेगी.

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