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विकास दुबे के पीछे लगी 40 थानों की पुलिस, 75 जिलों में सर्विलांस टीम के साथ अलर्ट पर पुलिस

Kanpur : पुलिस पर हमलावर विकास दुबे ने उत्तर प्रदेश पुलिस के दामन पर जो धब्बा लगाया है उसे खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश का पूरा पुलिस विभाग लगा हुआ है. लेकिन विकास दुबे कहां छिपा हुआ है, इसका जवाब उत्तर प्रदेश की पुलिस के पास फिलहाल नहीं है. विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए 40 थानों की पुलिस जुट गयी है. साथ उसकी खबर पाने के लिए 500 से ज्यादा फोन सर्विलांस पर रखे गये हैं. 75 जिलों में सर्विलांस टीम के साथ पुलिस को अलर्ट पर रखा है.

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इतना ही नहीं पुलिस ने विकास दुबे पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है. बता दें कि इतनी तैयारी किसी मुंबइया अंडरवर्ल्ड डॉन को पकड़ने के लिए नहीं बल्कि अब तक साधाराण अपराधी सरीखा दिखने वाले विकास दुबे के लिए है. इसके बावजूद विकास दुबे कहां छिप गया है, इसका पता पुलिस को नहीं चल पा रहा है.

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कहा जाता है कि पुलिस चाहे तो जंगल से भी सुई को खोज निकालती है. लेकिन लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसा क्या है कि कानपुर में पुलिस के आठ जवानों का खून बहाने वाला अभी तक फरार है.

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क्या है पूरा मामला

दरअसल घटना से दो दिन पहले विकास दुबे ने चौबेपुर के सस्पेंड थानाध्यक्ष विनय तिवारी के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया था. इसी के साथ विकास दुबे ने एसओ विनय तिवारी का मोबाइल भी छीन लिया था. पिटायी के बाद भी एसओ विनय तिवारी चुप रहे. उन्होंने पिटाई की जानकारी अपने सीनियर अफसरों को भी नहीं दी.

विनय तिवारी पर इस कदर विकास दुबे का खौफ था कि जिस समय कानपुर के विकरू गांव में डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा की कार्रवाई में तीन थानों के 20 से 25 पुलिसकर्मी हिस्ट्रीशीटर विनय दुबे को पकड़ने गए थे, उस समय वो सबके पीछे-पीछे चल रहे थे. जैसे ही अधिकारी घिर गये, विनय तिवारी वहां से भाग गए.

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