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होनहार युवकों को अपराधी बनाती है धनबाद पुलिस, हम कुछ नहीं कर सकते : राज सिन्हा

दुर्भाग्य है कि अपने लोग ही इस मामले में सही भूमिका नहीं निभा रहे, संगठन की स्थिति दैयनीय

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Dhanbad : पुलिस अपराधियों को दुरुस्त नहीं कर सकती. पुलिस की कमजोरी से धनबाद में अपराधियों का हौसला बुलंद है. पुलिस उस पर नियंत्रण रखने में असमर्थ हैं लेकिन आमलोगों को पुलिस कानून पढ़ाती है. पुलिस के हत्थे चढ़े होनहार युवक का भविष्य बर्बाद हो सकता है. जब सत्तारूढ़ भाजपा के संगठन के लोगों के बाल-बच्चों के भविष्य से पुलिस खेले और कोई उसे रोक नहीं सके, तो पार्टी आमलोगों की सुरक्षा का दावा कैसे करेगी?

भाजपा के धनबाद विधायक राज सिन्हा ने इस बात को स्वीकार किया. कहा कि भाजपा के मनयीटांड़ मंडल के भाजपाध्यक्ष दिलीप सिंह के बेटे रवि और उसके भतीजे सूरज के साथ पुलिसिया जुल्म हुआ. न्यूज विंग से बातचीत में उन्होंने इस बात को खारिज किया कि पुलिस मेंस एसोसिएशन के दबाव में दोनों बच्चों को दुबारा पकड़ा गया. उन्होंने कहा कि उनके अपने लोगों के कारण ही थाने से छोड़ दिए गये, दोनों युवकों को फिर से गिरफ्तार किया गया. अब पढ़ने लिखने वाले दोनों बच्चे जेल में रहेंगे. इसका असर बच्चों के करियर पर पड़ेगा, तो इसके लिए कौन जिम्मेवार होगा.

लड़कों का नहीं था कोई दोष 

लड़कों को जब सरायढेला थाना मोड़ पर वाहन चेकिंग के दौरान रोका गया तो उनलोगों ने गाड़ी किनारे लगा दी. लड़कों ने अपने पापा को फोन लगा कर जमादार ममता कुमारी को बढ़ा दिया. इसी बात पर वह भड़क गयीं. लड़कों से लप्पड़-थप्पड़ करने लगी. उसके पिता दिलीप सिंह ने जब कहा कि बाइक चेकिंग के दौरान लप्पड़-थप्पड़ ठीक नहीं है, तो वह और भड़क गयी. इसके बाद झूठे मामले में दोनों लड़कों को फंसाया. इस मामले में ममता पर मुकदमा होना चाहिए.

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छोड़ूंगा नहीं, परिणाम तक मामले को ले जाऊंगा

इस बात का मलाल तो है कि अपनी ही सरकार रहते अपनी ही पार्टी के नेताओं के बच्चों को पुलिसिया जुल्म से नहीं बचा पाया. मलाल है कि निर्दोष बच्चे जेल चले गये. लेकिन, वह इस मामले में जो भी समुचित कदम होगा उठायेंगे. यह उनका दायित्व है, इसे पूरा करना है.

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मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल की भूमिका पर उठ रहे हैं सवाल

सोशल मीडिया पर इस मामले में धनबाद नगर निगम के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल की भूमिका पर सवाल उठाये जा रहे हैं. इस ओर इशारा विधायक राज सिन्हा ने भी किया. सोशल मीडिया पर भाजपा के बहुत से कार्यकर्ताओं के तेवर गर्म हैं. बता दें कि दोनों लड़कों की रविवार को दुबारा गिरफ्तारी के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी आफिस में तालाबंदी कर दी. इससे पहले धनबाद नगर के 8 मंडल अध्यक्षों में से पांच ने दिलीप सिंह के घर पर मीटिंग कर चेतावनी दी. अगर 48 घंटे के अंदर ममता कुमारी पर कार्रवाई नहीं हुई तो सभी अपने पद से त्यागपत्र दे देंगी.

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हुई समझौता वार्ता 

मंडल भाजपा अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर सोमवार को जिला भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि नीतिन भट्ट और मानस प्रसून संग समझौता वार्ता देर तक चल रही थी. कार्यकर्ताओं ने कहा कि ममता कुमारी ने बना हुआ पीआर बांड थाने में लेकर फाड़ दिया, यह सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न करना है. बच्चों के साथ लप्पड़-थप्पड़, मामले को प्रभावित करने के लिए इस्तीफा लिखना, मीडिया के मार्फत से यह धमकी देना कि जब तक गिरफ्तारी नहीं हो जाती वर्दी नहीं पहनूंगी, यह मामले को गैर कानूनी तरीके से प्रभावित करना है.

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हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई

मामले को लेकर एसएसपी मनोज रतन चोथे को सूरज सिंह के हस्ताक्षर से कई दिन पहले दिए गये आवेदन में दोनों युवकों पर लगाए गये आरोपों का बिंदूवार खंडन कर उचित कार्रवाई की मांग की गयी है. इसके आधार पर कार्रवाई होती है और बात सही साबित होती है, तो ममता के खिलाफ झूठे मुकदमे में फंसाने, सरकारी कामकाज में बाधा, आपराधिक मानहानि, मारपीट आदि का मामला दर्ज किया जा सकता है. हालांकि एसएसपी ने अनुशासनहीनता के मामले में ही कार्रवाई का संकेत दिया है.

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