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राजधानी में अपराध रोकने में पुलिस पूरी तरह असफल

 अपरा‍धी बेखौफ होकर दे रहे हैं घटनाओं को अंजाम

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Ranchi : पुलिस राजधानी में अपराध रोकने में पूरी तरह असफल साबित हो रही है. एक तरफ पुलिस रेड वारंट जारी कर अपराधियों और वारंटियों को गिरफ्तार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जेल से छूटे अपराधी बेखौफ होकर अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. चोरी, झपटमारी और लुट की घटना आए दिन जिस तरह से हो रहे हैं इससे आम लोग दहशत में हैं. लेकिन पुलिस सिर्फ रिपोर्ट दर्ज कर चुप हो जा रही है. अपराधी खुलेआम घटना का अंजाम देते हुए निकल जाते हैं और पुलिस कुछ नहीं कर पाती.

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पुलिस नहीं पहुंच पाती है अपराधियों तक

अपराधी जिस तरह से दिनदहाड़े घटनाओं को अंजाम देते हैं, उससे तो यही लगता है कि अपराधी के मन में पुलिस का जरा भी भय नहीं है. आए दिन झपटमारी और लूट की घटना से लोगों के बीच खौफ पैदा हो गया है. शहर के अलग-अलग इलाकों में कभी मोबाइल,कहीं महिलाओं की गले से चेन छिनताई की जैसे घटनाएं घट रही है. लेकिन अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस सफल नहीं हो पा रही है.

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अपराधियों ने एक माह में दिये 50 से अधिक घटनाओं काे अंजाम

रांची में चोरी की घटना की बात करें तो एक महीने में 50 से ज्यादा चोरी की घटनाओं को अपराधियों ने अंजाम दिया. एक ही रात में कई घरों में चोरी हो जाती है लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके ही रह जाती है. जिस तरह रांची में लूट और हत्या जैसी घटनाएं बढ़ रही जिससे पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े करते हैं.

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एक महीने के अंदर हुए घटना

  • 26 जुलाई – हरमू रोड स्थित भारत माता चौक पर एक पत्रकार से बाइक सवार दो अपराधियों ने मोबाइल छीन लिया.
  • 17 जुलाई – चुटिया के लाइन नर्सिंग होम के पास महिला से बाइक सवार अपराधियों ने चैन की झपटमारी की.
  • 19 जून – 15 व्यवसाई से एक लाख रुपए की लूट
  • 24 जून – लोवर चुटिया में महिला से चैन की छिनतई
  • 23 जून- चुटिया में महिला से रुपया और चैन की लूट

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सक्रिय अपराधियों पर नजर नहीं रखती पुलिस

पुलिस सक्रिय अपराधी पर नजर नहीं रखती है, पुलिस पुराने अपराधियों पर नजर रखती है. झपटमार और चोरों के प्रति कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है. जिसके कारण अपराधी का मनोबल बढ़ा हुआ है और बेखौफ होकर घटना का अंजाम देकर पुलिस को खुलेआम चुनौती देते हैं.

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जेल से निकले अपराधी भी देते हैं घटना काे अंजाम

शहर में जो इन दिनों अपराधिक घटना घट रही है इनमें से कई ऐसे अपराधी हैं जो हाल में ही जेल से छूटकर बाहर आए हैं और कई ऐसे अपराधी हैं जिन्हें पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है. आयुष शर्मा , अकील अख़्तर, राहुल और इरशाद जैसे अपराधी रातू रोड इलाका, बरियातू के रहने वाले हैं. जानकारी के मुताबिक ये सभी किसी न किसी गैंग के लिए काम करते हैं. इनका गैंग जेल जाने के बाद इनको छुड़वाते भी है इसके बाद जेल से निकलने के ये लोग चोरी और लूट की घटना को अंजाम देते हैं.

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अपराधी धमकी और पैसे के बल पर केस को करवाते हैं मैनेज

पुलिस अपराधी को गिरफ्तार करके जेल भेजती है,अपराधिक केस करने वाले पक्षों से पैसे के बल पर या धमकी देकर समझौता कर लेते हैं और आसानी से अपराधी जेल से बाहर आ जाते हैं. जेल से छूट आने के बाद दोबारा अपराधिक घटनाओं काेे अंजाम देते हैं.

” ऐसे अपराधी पर कार्रवाई की जा रही है और अपराधी को डोजियर पर थाना भी बुलाया जाता है.”

भोला सिंह, कोतवाली डीएसपी, रांची

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