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पुलिस जल्दी दर्ज नहीं करती है शिकायत, भुक्तभोगियों को लगाना पड़ता है थाने का चक्कर

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Ranchi: रांची पुलिस जल्दी एफआईआर दर्ज करना ही नहीं चाहती है. अक्सर थानों से लोगों को बहाने बनाकर भगा दिया जाता है. अगर किसी की मोटरसाइकिल चोरी हो जाती है या रास्ते में कोई आपका पर्स छीन ले और एफआईआर दर्ज कराने जायें, तो आपसे तरह-तरह के कागजात मांगे जाते है और परेशान किया जाता है. कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि लोगों के मन में आता है कि एफआईआर ही नहीं करायें.

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एफआईआर दर्ज करने से कतराती है पुलिस

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रांची पुलिस इन दिनों प्राथमिकी दर्ज करने से ही कतराने लगी है. कारण चाहे जो हो,सबसे बड़ा सवाल उठता मामला छोटा हो या बड़ा आम लोगों की शिकायत थाने में दर्ज नहीं होगी तो, वे कहां शिकायत दर्ज कराने जाएंगे. पुलिस अगर शिकायत भी दर्ज करती है तो इसके लिए भुक्तभोगी को कई बार थानों का चक्कर काटना पड़ता है. उसके बाद शिकायत दर्ज की जाती है.

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देखा जाता है घटनास्थल

यदि किसी की मोबाइल चोरी हो गई, चेन की छीनतई हो जाती है या फिर मोटरसाइकिल की चोरी होती है. पीडि़त जब थाना पहुंचता है तो उससे कई तरह के सवाल पूछे जाते हैं. मसलन कहां से आ रहे थे, कहां जा रहे थे? यहां आए तो क्यों आए. फिर, आवेदन लेती है और कहती है कि वह इलाका उसके अधीन नहीं आता है. फिर उसे भगा दिया जाता है. पीडि़त संबंधित थाने में जाता है, तो उसे वहां से भी टरका दिया जाता है. यदि कोई ज्यादा प्रेशर डालता है तो चोरी की रिपोर्ट गुमशुदगी की बन जाती है.

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दूसरे थाने का मामला का कह कर दौड़ाया जाता है

कई बार ऐसा होता है कि जब किसी के साथ कोई लूट और चोरी की घटना होती है या किसी के एटीएम से फर्जी तरीके से रुपया की निकासी होती है तो जब वह अपने संबंधित थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराने जाते हैं तो भुक्तभोगी को थाना के द्वारा कहा जाता है कि यह हमारे थाने क्षेत्र का मामला नहीं है यह दूसरे थाना क्षेत्र का मामला है. वहां जाकर शिकायत दर्ज करायें. जब भुक्तभोगी दूसरे थाना क्षेत्र शिकायत दर्ज कराने जाते हैं तो वह कहते हैं कि हमारे थाना क्षेत्र का मामला नहीं है. थाना क्षेत्र के मामले के बीच में भुक्तभोगी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

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कुछ ऐसे मामले नहीं दर्ज हुए एफआईआर

केस: 1

अरगोड़ा थाना  में पिछले दिनों एक महिला आयी. वह पति के विरुद्ध केस दर्ज कराना चाहती थी. पति उसके साथ मारपीट करता है. महिला ने बतया कि थाने में उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गयी.

केस:2

कोकर थाना क्षेत्र में एक महिला का झपट्टा मार गिरोह ने छीन लिया था. इस संबंध में संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए गई तो उसे कहा गया कि मामला चोरी का है या नहीं, पहले सवाल यह उठता है. इसके बाद में महिला पुलिसकर्मियों ने से यह पूछा कि उसका पर्स कहीं गुम हो गया है. क्या इसके बाबजूद भी शिकायत दर्ज नहीं हुआ.

केस:3

एक युवती जब कॉलेज से घर जा रही थी, तो कोतवाली थाना क्षेत्र के गौशाला चौक के पास एक युवक मोबाइल लिया और फरार हो गया. युवती जब प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोतवाली थाना पहुंची तो पुलिस उसका माइंड वॉश करने लगी. युवती छिनतई की रिपोर्ट दर्ज कराना चाहती थी. लेकिन, पुलिस ने उसे दूसरे दिन आने को कहा. जब वह दूसरे दिन पहुंची, तो उसे काफी देर बैठाया गया. फिर उससे कहा कि अगले दिन आना. आखिरकार युवती ने शिकायत दर्ज कराने का इरादा ही छोड़ दिया.

केस: 4

कांके में रहनेवाले युवक की बाइक कांके थाना क्षेत्र से 25 अगस्त को चोरी हो गई. युवक ने कांके थाना जाकर चोरी की रिपोर्ट दर्ज करानी चाहा, लेकिन पुलिस ने उसे यह कहकर टरका दिया कि कागजात वगैरह लेकर आना. वह सभी कागजात लेकर गया, उसके बावजूद दर्ज नहीं हुआ एफआईआर.

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