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भेलवाघाटी और चिलखारी नरसंहार में शामिल हार्डकोर नक्सली सुरंग यादव को रिमांड पर नहीं ले पायी पुलिस

Ranchi: गिरिडीह जिले में हुए चिलखारी और भेलवाघाटी नरसंहार में शामिल हार्डकोर नक्सली को गिरिडीह पुलिस अब तक रिमांड पर नहीं ले पायी है. गौरतलब है 16 जुलाई 2017 को सुरंग यादव ने बिहार के जमुई जिले के पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था. सुरंग यादव को सरेंडर किए तीन वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, इसके बाद भी पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं कर पायी है. मालूम हो कि चिलखारी नरसंहार में 20 और भेलवाघाटी नरसंहार में 17 लोगों की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी.

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चिलखारी नरसंहार में 20 लोगों की हुई थी हत्या

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26 अक्टूबर 2007 की आधी रात को बिहार की सीमा से सटे गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड के चिलखारी फुटबॉल मैदान में नक्सलियों ने पूर्व मुख्यमंत्री व झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी के पुत्र अनूप मरांडी समेत 20 लोगों को गोलियों से भून दिया था. टूर्नामेंट के समापन पर वहां संथाली जात्रा का कार्यक्रम चल रहा था.

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करीब दस हजार से अधिक लोग जुटे थे. सभी की मौजूदगी में नक्सलियों ने इस कांड को अंजाम दिया था. नक्सली बाबूलाल के बेटे व झाविमो नेता नुनूलाल मरांडी को मारने आये थे. नुनूलाल अपनी जान बचाने में सफल रहे थे. बाबूलाल एवं नुनूलाल के नेतृत्व में ग्रामीण नक्सलियों का विरोध कर रहे थे. जिसकी वजह से बाबूलाल व नुनूलाल नक्सलियों की हिटलिस्ट में थे.

भेलवाघाटी में 17 निर्दोष ग्रामीणों की हुई थी हत्या

झारखंड-बिहार की सीमा से सटे गिरिडीह जिले के भेलवाघाटी में माओवादियों ने 11 सितंबर 2005 को नरसंहार किया था. माओवादियों ने 17 निर्दोष ग्रामीणों को मौत के घाट उतारने के साथ विस्फोट कर आवास व विद्यालय भवन उड़ा दिया था.

बताया जाता है कि इलाके में नक्सल गतिविधि को देखते हुए नक्सलियों से लोहा लेने के लिए गांव में ग्राम रक्षा दल का गठन किया गया था. ग्राम रक्षा दल के सदस्य नक्सलियों को गांव में प्रवेश नहीं होने देना चाहते थे. जिसके कारण नक्सली नाराज चल रहे थे. नाराज माओवादियों ने 11 सितंबर 2005 की रात पूरे गांव को घेर कर कब्जे में ले लिया. इसके बाद ग्राम रक्षा दल के सदस्यों को एक-एक कर घर से बाहर निकाला और  गांव के बीच चौराहे पर जन अदालत लगाया. जन अदालत में ग्राम रक्षा दल के सदस्यों को मौत की सजा देने का फरमान जारी किया था. फरामान जारी होने के बाद 17 ग्रामीणों की हत्या कर दी गयी थी.

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दूसरे राज्य से रिमांड पर लाने की क्या है प्रक्रिया

दूसरे राज्य से अपराधी को रिमांड पर लाने के लिए कांड के अनुसंधानकर्ता को संबंधित राज्य की अदालत में जाकर रिमांड पर लेने के लिए आवेदन देना पड़ता है. अदालत को बताना है कि जेल में बंद अभियुक्त उसके यहां कांड में नामजद आरोपी है. उसे रिमांड पर अपने यहां लाकर पूछताछ करने की जरूरत है. इस पर अदालत रिमांड पर देने का आदेश जारी करती है.

बिहार पुलिस के समक्ष सुरंग यादव ने किया था सरेंडर

17 जुलाई 2017 को बिहार में जमुई के कई थाना क्षेत्र व गिरिडीह के समीपवर्ती क्षेत्र का आतंक नक्सली एरिया कमांडर सुरंग यादव सोमवार को विधिवत आइजी अभियान कुंदन कृष्णन व सीआरपीएफ आइजी एमएस भाटिया सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था.

चरकापत्थर थाना के समीप जिला पुलिस, सीआरपीएफ व एसएसबी के संयुक्त प्रयास से सामाजिक चेतना अभियान उड़ान के तहत आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में सुरंग ने आइजी के समक्ष सरेंडर करते हुए समाज की मुख्य धारा में वापस आने व शांतिपूर्ण जीवन जीने की अपनी इच्छाशक्ति दुहरायी थी.

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