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जहरीली शराब मामले में माफिया नरेश सिंधिया के घर की पुलिस ने की कुर्की-जब्ती

Ranchi: 2 सितंबर 2017 की रात रांची के डोरंडा और सुखदेव नगर इलाके में जहरीली शराब पीने से 22 से अधिक लोगों के मौत हो गयी थी. इस मामले मामले में कार्रवाई करते हुए शराब माफिया नरेश सिंधिया के घर की पुलिस ने कुर्की-जब्ती कर ली है.

पुलिस ने उसके नामकुम थाना क्षेत्र के जोरार स्थित घर की कुर्की की है. नामकुम थाना प्रभारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में शनिवार सुबह टीम नरेश के घर पहुंची और वहां से सारे सामान की कुर्की कर थाने ले गयी. गौरतलब है कि नरेश सिंधिया इस घटना के बाद से फरार चल रहा है.

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22 से अधिक लोगों की जहरीली शराब पीने से गयी थी जान

झारखंड के करम पर्व के मौके पर 2 सितंबर 2017 की रात अवैध शराब कारोबारी प्रहलाद सिंधिया ने रांची के बाजार में नकली शराब की एक बड़ी खेप उतारी थी. इस जहरीली शराब का सेवन कर 22 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी थी.

मरनेवालों में जैप के चार जवान भी शामिल थे. जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि जहरीली शराब की यह खेप सिंधिया बंधुओं द्वारा बाजार में परोसी गयी थी.इसके बाद रांची के नामकुम, सुखदेवनगर और डोरंडा में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. ज्ञात हो कि नरेश सिंधिया और प्रह्लाद सिंधिया भाई हैं और नरेश शराब के कारोबार में प्रह्लाद की मदद करता था.

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प्रह्लाद सिंधिया को मिली है उम्रकैद की सजा

जहरीली शराब सप्लाई करने वाले प्रह्लाद सिंधिया को उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है. प्रह्लाद के साथ-साथ दुकानदार इंद्रभान थापा और हवलदार गौतम थापा को भी आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी थी.

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न्याय आयुक्त एसपी दुबे की कोर्ट ने साल 2018 के अगस्त महीने में इन तीनों को उम्रकैद की सजा सुनायी थी. कोर्ट ने तीनों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. जुर्माना नहीं देने पर अलग से दो-दो साल सजा काटने का आदेश दिया गया था.

गौरतलबै है कि इस मामले में प्रह्लाद सिंधिया का भाई नरेश सिंधिया भी आरोपी है लेकिन वह फरार चल रहा है. और इसी मामले में कार्रवाई करते हुए शनिवार सुबह नामकुम पुलिस ने उसके घर की कुर्की-जब्ती की.

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