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पुलिस का दावा- खत्म हो रहे नक्सली, इधर एक माह में हुईं 8 बड़ी घटनाएं

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Ranchi: पुलिस का दावा है कि नक्‍सली खत्म हो रहे हैं. लेकिन, इधर एक माह में नक्सलियों ने 8 बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है और अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है. यह घटनाएं पुलिस के द्वारा की गई दावों और चलाये जा नक्‍सल अभियान की पोल खोलती नजर आ रही है. डीजीपी ने पिछले वर्ष 31 दिसंबर 2017 तक पूरे राज्य में नक्सली सफाई का लक्ष्य रखा था. लेकिन, जब सफलता नहीं मिली तो इस लक्ष्य को 31 दिसंबर 2018 तक बढ़ा दिया गया. अब नक्सली आये दिन घटनाओं को अंजाम देकर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं.

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क्‍यों बढ़ गयी हैं नक्‍सली घटनाएं

एक ओर पुलिस नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करने और उन्हें आर्थिक क्षति पहुंचाने की कवायद कर रही हैं. वहीं नक्सली भी अब टूट चुके संगठन को फिर से संगठित करने के लिए लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. इसके पीछे नक्सलियों का मुख्‍य मकसद लेवी वसूलना है, ताकि लेवी के पैसे से वे फिर से संगठन को खड़ा कर सकें. हालांकि, इस संबंध में पुलिस यह दावा करती है कि हतोत्साहित होकर नक्सली वारदात कर रहे हैं. लेकिन, सवाल अपनी जगह पर कायम है कि जब पुलिस के आलाधिकारी नक्सलियों के खात्मा का दावा लगातार कर रहे हैं, फिर वारदात होने से रोक पाने में पुलिस क्यों विफल साबित हो रही है. खासकर विकास कार्यों में लगे वाहनों और उपकरणों को क्षति पहुंचाकर सीधे-सीधे सरकार के विकास कार्यों की प्राथमिकता को नक्सली चुनौती दे रहे हैं.

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अधिकतर जिलों को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया

बता दें कि झारखंड पुलिस ने केंद्र सरकार के सामने अधिकतर जिले को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार पूरे देश में 30 अति उग्रवाद प्रभावित जिले हैं. जिनमें झारखंड के 13 जिले ही शामिल हैं. इन जिलों को अगस्त महीने में केंद्रीय सहायता के रूप में 20-20 करोड़ रुपये मिले थे. झारखंड पुलिस के द्वारा केंद्र के सामने राज्‍य के 13 जिले को नक्सल मुक्त होने की घोषणा के बाद भी इन इलाकों में नक्सली लगातार अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं.

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झारखंड के 13 अतिउग्रवाद प्रभावित जिले

झारखंड के 13 अतिउग्रवाद प्रभावित जिले गिरिडीह, गुमला खूंटी, लातेहार, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, हजारीबाग, चतरा, रांची, गढ़वा, लोहरदगा और सिमडेगा हैं.

उग्रवाद के खात्मे की डेडलाईन हो रही खत्म

डीजीपी डीके पांडेय के द्वारा झारखंड से उग्रवाद के खात्मे की डेडलाईन 31 दिसंबर 2018 को खत्म हो रही है. बता दें कि डीजीपी ने 2016 में घोषणा की थी दिसंबर 2017 में पूरे झारखंड राज्य से नक्सलियों का सफाया हो जाएगा. जबकि ये मुमकिन नहीं हो पाया और ये डेडलाइन एक साल बढ़ गयी. इसके बाद साल 2017 में राज्य को उग्रवाद से मुक्त कराने का दावा करने वाले राज्य के पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय ने अब दावा किया है कि साल 2018 के अंत तक राज्य को पूरी तरह से नक्सली उग्रवाद मुक्त कर दिया जायेगा. लेकिन, जिस तरह से नक्सली लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं इससे ऐसा लग रहा है डीजीपी का पूरे झारखंड से नक्सलियों का सफाया करने का डेडलाइन इसबार भी फेल हो जाएगा.

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शहरी क्षेत्र में भी नक्सली दर्ज करा रहे हैं अपनी उपस्थिति

नक्सली शहरी क्षेत्र में भी अब अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. बता दें कि‍ सोमवार (19 नबंबर 2018) को खलारी थाना क्षेत्र के शहरी इलाकों में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने दस्तक दिया है. रविवार की रात माओवादियों द्वारा खलारी के शहरी क्षेत्र में कई जगहों के दीवारों पर नक्सली नारा लेखन किया है. क्षेत्र के खलारी-डकरा मुख्य सड़क के किनारे दीवाल पर नारे का लेखन किया गया. खलारी पुलिस को सूचना मिलने पर माओवादियों के द्वारा लिखे नारे को मिटाया गया.

एक महीने के अंदर हुए कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं

  • 4 नवंबर को नक्सलियों ने हजारीबाग के केरेडारी में 6 वाहनों में आग लगा दिया.
  • 5 नवंबर को लातेहार जिला के चंदवा थाना क्षेत्र के बरवा टोली में नक्सलियों ने पुल निर्माण में लगे एक पोकलेन और डंपर को फूंक डाला और काम बंद करने की भी चेतावनी दी.
  • 4 नवंबर को नक्सलियों ने खलारी थाना क्षेत्र के चूड़ी होयर बस्ती से लेकर अंबाडोंगरी जतरातांड में कई निजी और सरकारी भवनों के दीवार पर माओवादी ने पुलिस विरोधी नारा लिखा. मिली जानकारी के अनुसार 60 की संख्या में नक्सली आये थे और यह सभी हथियार से लैस थे.
  • 6 नवंबर को नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के दौरान पलामू चतरा सीमावर्ती क्षेत्र के रहरिया जंगल से पुलिस ने 9 शक्तिशाली बम बरामद किया. इन सभी बम को नक्सलियों ने चट्टान के दरार में छिपाकर रखे थे.
  • 16 नवंबर राजधानी रांची के लापुंग में केबलिंग का काम कर रही कंपनी के तीन वाहनों पर नक्सलियों के द्वारा आग लगा दिया गया था.
  • 16 अक्टूबर को नक्सलियों ने लोहरदगा के रिचुगोटा में बॉक्साइट होने वाले 5 ट्रकों में आग लगा दिया था.
  • 18 नवंबर की रात माओवादियों द्वारा खलारी के शहरी क्षेत्र में कई जगह दीवाल पर नक्सली ने पुलिस विरोध नारे का लेखन किया है. क्षेत्र के खलारी डकरा मुख्य सड़क किनारे दीवाल पर नारे का लेखन किया गया.

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