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मुठभेड़ में घायल पीएलएफआई एरिया कमांडर का इलाज करनेवाले डॉक्टर समेत चार लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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  • पुलिस को देख भाग गया घायल उग्रवादी दीत नाग

Khunti : 29 जनवरी को तिरला जंगल में पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ हुई थी. उस मुठभेड़ में पीएलएफआई का एरिया कमांडर दीत नाग घायल हो गया था. तब जिस डॉक्टर ने घायल दीत नाग का इलाज किया था, उस डॉक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसके तीन सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में डॉ दीपक कुमार झा, कंपाउंडर संदीप सिंह और दीत नाग का साथी किशुन हेमरोम और मणि हेमरोम शामिल हैं. खूंटी पुलिस अधीक्षक श्री आलोक ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर इसकी जानकारी दी.

घायलावस्था में ही फरार हो गया था दीत नाग, पुलिस ने छापामारी की, तो फिर भागा

29 जनवरी को अड़की थानांतर्गत तिरला जंगल में पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच उग्रवादी मारे गये थे और दो को घायल अवस्था में पकड़ लिया गया था. वहीं, पीएलएफआई का एरिया कमांडर दीत नाग घायल अवस्था में फरार हो गया था. उसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी. इसी दौरान सोमवार को गुप्त सूचना मिली कि दीत नाग मुरहू थानांतर्गत ग्राम बुड़िमा और आस-पास के क्षेत्र में छिपकर अपना इलाज करा रहा है. सूचना के आधार पर एसपी ने मुरहू थाना प्रभारी उदय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में छापामारी टीम का गठन किया. इसके बाद छापामारी टीम ने ग्राम बुड़िमा के जंगल में छापामारी की. पुलिस के आने की सूचना पाकर एरिया कमांडर दीत नाग जंगल-झाड़ी का लाभ उठाकर फरार हो गया. हालांकि, पुलिस ने उसका इलाज कर रहे डॉक्टर दीपक कुमार समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इनके पास से एक बाइक, तीन मोबाइल, दवा और इंजेक्शन समेत अन्य सामान बरामद किये हैं.

बुड़िया जंगल में रखकर कर रहे थे इलाज

गिरफ्तार हुए डॉक्टर समेत चारों लोगों से जब पुलिस ने पूछताछ की, तो उन्होंने पुलिस को बताया कि मुठभेड़ में घायल दीत नाग को वे लोग अपनी मोटरसाइकिल से बंदगांव थानांतर्गत ग्राम मटलौंग लाये थे और वहीं उसका इलाज कर रहे थे. पुलिस से बचाने के लिए पिछले रविवार को जगह बदल दी और ग्राम बुड़िया जंगल में रखकर उसका इलाज कर रहे थे.

जरूर होगी कार्रवाई : पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधीक्षक श्री आलोक ने बताया कि उग्रवादी दीत नाग की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है. पकड़े गये झोलाछाप डॉक्टर दीपक कुमार झा के संबंध में उन्होंने कहा कि उसने इलाज किया, इससे हमें कोई गुरेज नहीं है, लेकिन उसे पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी. पुलिस को सूचना न देना ही इस बात को प्रमाणित करता है कि उक्त डॉक्टर उग्रवादियों का सहयोगी है. चाहे उग्रवादी हो या उनका सहयोगी, कार्रवाई जरूर होगी.

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