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लोगों को सहयोग करने के बहाने एटीएम क्लोन कर पैसा निकालनेवाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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Ranchi: रांची के अलग-अलग एटीएम में जाकर लोगों को सहयोग करने के बहाने उनका एटीएम कार्ड लेकर उनके कार्ड का क्लोन कर एटीएम कार्ड से पैसा निकासी करनेवाले गिरोह के राहुल कुमार, धीरज कुमार और चंदन कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने तीनों के पास से एक कार, अलग-अलग बैंक के 27 एटीएम कार्ड और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किये.

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गुप्त सूचना के आधार पर हुई गिरफ्तारी

वरीय पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता को गुप्त सूचना मिली कि तीन व्यक्ति एक कार में सवार होकर मोरहाबादी स्थित न्यू एरिया के एटीएम के आसपास घूम रहे हैं, जो संदिग्ध लग रहे हैं. जिसके सत्यापन के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार पुलिस उपाधीक्षक साइबर, रांची के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. इसमें पुलिस निरीक्षक साइबर सेल और गोंदा थाना के छापेमारी दल के द्वारा सिद्धू कान्हू पार्क के पास कार में सवार तीनों लोगों को पुलिस ने खदेड़ कर पकड़ लिया.

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सहयोग करने के बहाने एटीएम कार्ड का बनाते थे क्लोन

गिरफ्तार तीनों आरोपी रांची के अलग-अलग एटीएम में जाकर लोगों को सहयोग करने के बहाने उनका एटीएम कार्ड लेकर क्लोन करके एटीएम कार्ड से पैसे की निकासी करते थे. पिछले छह महीने से ये इस अपराध में लगे हुए थे. गिरफ्तार हुए सभी आरोपी पैसा निकालने के उद्देश्य से ही रांची आए थे, लेकिन इससे पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इस गिरोह के अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए रांची पुलिस के द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है.

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स्पाई कैम ऐप के जरिए एटीएम कार्ड का डेटा करते थे रिकॉर्ड

गिरफ्तार हुए आरोपी ने फोन में स्पाई कैम नाम का एक ऐप लोड था. फोन बंद रहने के बावजूद भी या एप काम करता था. जब कोई व्यक्ति एटीएम से रुपए की निकासी करने जाता था तो ये स्पाइक कैम नाम के ऐप की मदद से एटीएम से रुपए निकालने वाले लोग का डाटा रिकॉर्ड कर लेते थे और पीछे से पिन भी देखते थे. उसको भी रिकॉर्ड करते थे. इसके बाद मैगनेटिक कार्ड रीडर मशीन के माध्यम से किसी दूसरे कार्ड में एटीएम कार्ड या ब्लैक मैगनेटिक कार्ड पर कार्ड के डेटा को उस कार्ड में डाउनलोड कर फिर उस कार्ड से दूसरे एटीएम में जाकर रुपए की निकासी करते थे.

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