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गिरफ्त से दूर शातिर मुजरिम, छोटे अपराधियों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपा रही पुलिस

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Ranchi : चोरी, छिनतई, लूट जैसी घटनाओं में शामिल छोटे-मोटे अपराधियों को गिरफ्तार कर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है. लेकिन बड़ी घटनाओं में शामिल मुजरिमों को पुलिस अबतक गिरफ्तार करने में विफल रही है.

ये हाल है डोरंडा थाना क्षेत्र का जहां पिछले पांच महीने के दौरान चार हत्या की घटनाएं हुई. लेकिन अब तक इन घटनाओं में शामिल अपराधियों की ना तो गिरफ्तारी हो पाई है और ना ही इन घटनाओं की गुत्थी सुलझ पाई है.

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गिरफ्तारी के नाम पर सिर्फ आश्वासन

राजधानी में जमीन विवाद को लेकर हत्या होना आम बात हो गयी है. डोरंडा क्षेत्र में पिछले पांच महीनों के दौरान हत्या की कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें अपराधियों को गिरफ्तार करने में पुलिस अब तक असफल रही है.

हत्या के समय पुलिस मृतक के परिजनों को जल्द से जल्द अपराधी की गिरफ्तारी का आश्वासन देती है. लेकिन कुछ वक्त के बाद ऐसा लगता है जैसे पुलिस अपनी जांच धीमी कर देती है. तभी तो इन मामलों के अपराधी गिरफ्तार नहीं हो सके हैं.

पिछले कुछ महीनों में डोरंडा थाना क्षेत्र के सामु उरांव, अरुण किस्पोट्टा, अमित टोपनो और पुलिस जवान परमानंद प्रधान की हत्या हुई है. इन मामलों में शामिल अपराधी गिरफ्तार नहीं हो सके हैं. पुलिस जांच में ही जुटी है. पूछे जाने पर जवाब मिलता है कि कार्रवाई हो रही है. जल्द मामले का उद्भेदन किया जाएगा.

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पिछले कुछ महीनों में हुई घटनाएं

  • आठ दिसंबर 2018 को तोरपा निवासी अमित टोपनो की बंडा थाना क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में भी अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है.
  • 29 दिसंबर 2018 को डोरंडा थाना क्षेत्र के बड़ा घाघरा में जमीन विवाद के चलते अरुण किस्पोट्टा नाम के व्यक्ति को गोली मार दी गयी. उसे घायल व्यवस्था में रिम्स में भर्ती कराया गया, जहां अगली सुबह उसकी मौत हो गयी. इस मामले में भी पुलिस हत्यारे को गिरफ्तार नहीं कर पायी है.
  • आठ जनवरी 2019 को डोरंडा के कुसई घाघरा में छह हथियारबंद अपराधियों ने रात के करीब 10 बजे दो लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. इसमें सामू उरांव की मौत हो गयी और उनके दोस्त शंकर सुरेश उरांव गंभीर रूप से घायल हो गये. इस मामले में भी अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं.
  • पांच मई 2019 को एजी कॉलोनी के पास सड़क किनारे संदेहास्पद स्थिति में पुलिसकर्मी परमानंद प्रधान का शव बरामद हुआ था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात साफ हो गयी कि परमानंद की मौत दम घुटने से हुई है. जिससे साफ जाहिर होता है कि परमानंद प्रधान की गला दबाकर हत्या की गई है. लेकिन इस मामले में भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है.

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