Opinion

विकास दुबे के घटनाक्रम में मीडिया ने छिपा लिया PNB 3.68 का हजार करोड़ का घोटाला

Girish Malviya

विकास दुबे के सरेंडर और एनकाउंटर के 24 घंटे के घटनाक्रम में देश में हुए एक बड़े बैंकिंग घोटाले की खबर दब गयी. या यूं कहें मेन स्ट्रीम मीडिया ने छिपा लिया. 9 जुलाई को पंजाब नेशनल बैंक में 3 हजार 688 करोड़ रुपए के लोन की धोखाधड़ी सामने आयी. यह धोखाधड़ी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड यानी DHFL ने अंजाम दी है.

यह पूरा मामला नीरव मोदी के घोटाले से कहीं बड़ा है. कुल 85 हजार करोड़ रुपये बैंको और अन्य वित्तीय संस्थानों का DHFL ने मार्केट में फर्जी कंपनियों को बांट रखा है. धीरे-धीरे जब सभी बैंकों ने ऐसी ही धोखाधड़ी की, जब और रिपोर्ट करेंगे, तब इस घोटाले की गंभीरता पब्लिक को समझ में आएगी.

ऐसा नहीं है कि यह आज पहली बार सामने आया है. अटल सरकार में पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने DHFL द्वारा की गयी धोखाधड़ी को भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग स्कैम’ करार दिया गया था. 29 जनवरी 2019 को खोजी पत्रकारिता से जुड़ी वेबसाइट कोबरा पोस्ट ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर ‘द एनाटॉमी ऑफ इंडियाज बिगेस्ट फाइनेंशियल स्कैम’ नाम से अपनी रिपोर्ट पेश की थी.

कोबरा पोस्ट ने अपने स्ट‍िंग में यह आरोप लगाया गया था कि DHFL ने कॉरपोरेट मंत्रालय को जरूरी जानकारी दिये बिना बड़े लोन मंजूर किये हैं. और ये संभवत: देश का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला हो सकता है.

उस वक्त यशवंत सिन्हा ने गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी डीएचएफएल पर लगे 31,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच की मांग की थी. कंपनी पर आरोप था कि उसने सरकारी बैंकों जैसे एसबीआइ और बैंक ऑफ बड़ौदा से कर्ज लेकर उसका इस्तेमाल दूसरे कार्यों के लिए किया. कंपनी के प्रमोटर वधावन परिवार ने व्यक्तिगत फायदों के लिए शेल कंपनियों का नेटवर्क बनाकर बड़े पैमाने पर फंड की हेराफेरी की है. इस पूरे खेल में करीब 31,000 करोड़ रुपये का घपला होने का आरोप है. यह भी आरोप लगाया गया कि इन हथकंडों से प्रमोटर्स ने अपनी निजी वेल्थ खड़ी की.

मुम्बई के PMC बैंक में भी जिसमें आज तक खाताधारकों को अपना जमा पैसा नहीं मिला है. उसमें भी सबसे बड़ा लोन मूल रूप से DHFL ग्रुप से जुड़ी कम्पनी को ही दिये गये थे. यह बहुत बड़ा घोटाला है, इसकी कड़ियां धीरे-धीरे ही खुलेंगी.

डिस्क्लेमर: ये लेख लेखक के फेसबुक वॉल से लिया गया है. और ये इनके विचार हैं.

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