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लातेहार : लाभुक का पीएम आवास अधूरा, दूसरे का पूर्ण आवास दिखाकर निकाल लिये पैसे

मुखिया का बचाव करते दिखे बीडीओ, आवास का जियो टैगिंग करनेवाले कर्मी को ही बताया दोषी

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Manoj dutt dev

Latehar : बरवाडीह प्रखंड का बेतला पंचायत प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है. इसी कड़ी में पीएम आवास में वित्तीय अनियमितता का एक और चौकाने वाला मामला सामने आया है. बरवाडीह प्रखंड के बेतला पंचायत के कुटमू ग्राम निवासी जगमोहन राम के पुत्र सुरेश राम को वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिला था, जिसकी स्वीकृति संख्या (जेएच 1205507) है. आवास की राशि मुखिया, पंचायत सेवक व बिचौलियों की सांठगांठ से गलत जियो टैगिंग कर चार अलग-अलग किस्तों में कुल 1 लाख 23 हजार 500 रुपए निकल लिए गए, लेकिन सुरेश राम को स्वीकृत आवास महज अधूरे डोर लेबल तक ही खड़ा हो सका है.

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इसी दूसरे पूर्ण आवास को दिखाकर निकाल लिया गया 123500 रूपए।

दूसरे पूर्ण आवास का कर दिया गया फोटो अपलोड

जबकि, मुखिया संजय सिंह व पंचायत सेवक ने बिचौलियों की मदद से अंतिम किस्त की राशि निकासी करने के लिए दूसरे व्यक्ति के रूफ लेबल घर की फोटो को ऑनलाइन रेकर्ड में दिखा दिया है, जो पूरी तरह से फर्जी है. जिस आवास का फोटो अपलोड किया गया है, उसका लोकेशन लाभुक के घर के लोकेशन से भिन्न है. प्राप्त ऑनलाइन डाटा के मुताबिक 18 अप्रैल, 2017 को एफटीओ नंबर (जेएच 3406005-180417 एफटीओ-27976) के माध्यम से पहली किस्त के रूप में 26,000 रुपए, 17 जुलाई, 2017 को एफटीओ नंबर (जेएच 3406005-170717 एफटीओ-57820) के माध्यम से दूसरी किस्त के रूप में 32,500 रुपए, 14 फरवरी, 18 को एफटीओ नंबर (जेएच 3406005-140218 एफटीओ-260220) के माध्यम से तीसरी किस्त के रूप में 52,000 रुपए तथा 20 फरवरी, 18 को एफटीओ नंबर (जेएच 3406005-200218 एफटीओ-270505) के माध्यम से चौथी किस्त के रूप में 13,000 रुपए लाभुक सुरेश राम के खाते में भुगतान कर दिया गया है.

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बिना भौतिक सत्‍यापन के ही कर दिया गया भुगतान

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मामले में बीडीओ दिनेश कुमार का बयान भी हास्यास्पद है वे मुखिया को बचाते दिखे. उन्होंने स्पष्ट रूप से जियो टैगिंग करनेवाले समन्वयक को ही प्रथम दृष्टया दोषी बताया है. जबकि  प्रावधान के मुताबिक जियो टैगिंग के बाद बीडीओ के अलावा मुखिया को योजनास्थल का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही लाभुक के खाता में राशि का भुगतान करना है. लेकिन बीडीओ व मुखिया ने किस परिस्थिति में बगैर आवास का भौतिक सत्यापन किए लाभुक के बैंक खाता में राशि का भुगतान करा दिया और जियो टैगिंग में किस आवास को दिखाया है, यह जांच का विषय है. फिलवक्त, यह मामला पूरे बेतला पंचायत में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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बिचौलियों की करतूत का खामियाजा भुगत रहे गरीब

बरवाडीह प्रखंड कार्यालय इन दिनों बिचौलियों का अड्डा बनकर रह गया है. अधिकांश विकास योजनाओं में पाई गई गड़बडिय़ां ब्लॉक में बिचौलियों की धांधली को प्रदर्शित करता है. प्रखंड प्रशासन ने अधिकांश योजना में बिचौलियों को लूट की खुली छूट दे रखी है. इसका प्रमाण हाल में बेतला पंचायत में किए गए सोशल ऑडिट के दौरान मनरेगा योजना में पाई गई भारी वित्तीय अनियमितता है, जिसमें मुखिया संजय सिंह की संलिप्तता भी सामने आई है. बेतला पंचायत के वित्तीय वर्ष 2016_17 के पीएम आवास के लाभुक नेजामुद्दीन अंसारी, शनिचर भुइयां, मगरूद्दीन अंसारी, मंजूर आलम, मुख्तार अंसारी, धुनिया देवी, बलग्रामी के अलावा कई ऐसे लाभुक हैं, जिनका एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आवास पूर्ण नहीं हो सका है. इस संबंध में जिम्मेवार अधिकारी, कर्मियों, मुखिया व बिचौलियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके बचाव में जुटे हैं. गरीबों को आवास कैसे मिलेगा, इसपर जिला व प्रखंड प्रशासन कोई ईमानदार पहल नहीं कर रहा है. नतीजतन, अधिकारियों व कर्मियों की गलती का खामियाजा गरीब भुगत रहे हैं, जिन्हें देखनेवाला कोई नहीं है.

        यह मामला मेरे संज्ञान में आया है. मामले की जांच के बाद दोषी को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी. लाभुक के अधूरे आवास को पूरा कराया जाएगा.

दिनेश कुमार, बीडीओ, बरवाडीह।

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