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PMO पहुंचा रातू अंचल में सौ करोड़ की जमीन गड़बड़ी का मामला, रघुवर सरकार को दिया कार्रवाई का निर्देश 

पीएमओ में पांच फरवरी 2019 को प्रदीप गुप्ता की ओर से शिकायत की गयी थी.

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Ranchi : राजधानी के रातू अंचल में एक अरब से अधिक के जमीन की खरीद बिक्री संबंधी गड़बड़ी का मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से इस मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय से आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. पीएमओ में पांच फरवरी 2019 को प्रदीप गुप्ता की ओर से शिकायत की गयी थी. इसमें कहा गया था कि कैसे झारखंड के मूलवासियों की जमीन को अंचल कार्यालय में पदस्थापित सर्किल ऑफिसर, सर्किल इंस्पेक्टर, अंचल अमीन और अन्य ने मिलकर दूसरे लोगों के नाम पर जमाबंदी कर, उसका दाखिल-खारिज कर दिया. अंचल कार्यालय की ओर से 1935 और उसके बाद के दस्तावेजों की वास्तविकता को नजरअंदाज कर 2012 के बाद से 2018 तक 450 एकड़ में से अधिकतर जमीन की अवैध जमाबंदी कर दी गयी.

शिकायत की कॉपी

कैसे हुआ खेल

अंचल कार्यालय की तरफ से खेवटदार लालमन साहू, थाना संख्या 69 में ही गड़बड़ी कर दूसरे लोगों के नाम से जमाबंदी की गयी है. खेवट संख्या 4 में लालमन साहू के परिजनों के नाम से 144.63 एकड़ जमीन दर्शायी गयी है. इसी तरह खेवट संख्या पांच में 144.36 एकड़ जरपेशगी जमीन, खेवट संख्या तीन में 126.98 एकड़ जमीन का जिक्र है. इसी प्रकार इनसे जुड़े खतियान में लालमन साहू का नाम तो है, पर उनके नाम से पंजी-2 में जमाबंदी किये जाने का जिक्र ही नहीं है. इसका लाभ उठाते हुए अंचल अधिकारी और अन्य ने जमीन की अवैध जमाबंदी कर दी. यह बताया जाता है कि इसके लिए रांची के हरमू के रहनेवाले अरविंद सिंह, मनोज सिंह, चंद्रनाथ तिवारी, मो हुसैन को बेटखेता की जमीन की जमाबंदी कर दी गयी, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है.

पीएमओ में क्या शिकायत की गयी है 

पीएमओ में की गयी शिकायत में लालमन साहू के परिजनों ने कहा है कि उनके पूर्वजों की खतियानी जमीन (मझिअस, बेटखेता और गैरमजरुआ) मालिक को तथाकथित लोगों की मिलीभगत से अंचल अधिकारी ने फर्जी जमाबंदी कर दी है. इनके नाम से फरजी तरीके से रसीद भी काट दिया गया है. जबकि हमारे पूर्वजों के नाम से पंजी-2 कभी खोला ही नहीं गया. हमलोगों की तरफ से लगातार 2012 से जमाबंदी कराने का आवेदन दिया जा रहा है. पर अंचल अधिकारी इसपर किसी तरह की कोई अग्रेतर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. हमारी करोड़ों की संपत्ति पर अब जमीन बिचौलियों का कब्जा हो गया है.

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