न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जानकारी देने से पीएमओ का इनकार

23

New Delhi: प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सरकार के मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर मांगी गयी जानकारी देने से इनकार कर दिया. पीएमओ ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआइसी) के आदेश का भी उल्लंघन कर जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है. इसके पीछे पीएमओ ने यह कारण दिया है कि इस तरह की सूचना मुहैया कराना काफी जटिल कवायद हो सकती है. पीएमओ ने ऐसा तब कहा है जब देश की प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने केंद्रीय कोयला एवं खनन राज्य मंत्री हरिभाई पार्थीभाई चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.

अक्टूबर में सीआइसी ने पीएमओ को 2014 से 2017 के बीच केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ मिली भ्रष्टाचार की शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई का खुलासा करने का निर्देश दिया था. भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की अर्जी पर मुख्य सूचना आयुक्त राधाकृष्ण माथुर ने यह फैसला दिया था. सीआइसी ने ये भी आदेश दिया था कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान विदेश से लाए गए कालेधन के अनुपात एवं मूल्य की सूचना दी जाये.

सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 7(9) के तहत नहीं दी जा सकती जानकारी

आरटीआइ के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में कहा गया कि पीएमओ को विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और उच्च स्तरीय अधिकारियों के खिलाफ समय-समय पर भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं. पीएमओ ने संजीव चतुर्वेदी के आरटीआइ आवेदन के जवाब में कहा कि इनमें छद्मनाम या बेनाम से मिली शिकायतें भी शामिल हैं. प्राप्त शिकायतों में लगाए गए आरोपों/ इल्जामों की सत्यता को देखते हुए और इल्जामों के संबंध में दिए गए दस्तावेज की उचित जांच की जाती है. जरूरी कार्रवाई करने के बाद रिकॉर्डों को एक जगह नहीं रखा जाता और वे इस कार्यालय की विभिन्न इकाइयों एवं क्षेत्रों में फैले हुए हैं. पीएमओ ने कहा, ‘ये प्राप्त शिकायतें भ्रष्टाचार और गैर-भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों समेत कई तरह के मामलों से जुड़ी होती हैं. आवेदक ने अपने आवेदन में केवल भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों के विवरण मांगे हैं.’ कार्यालय ने कहा, ‘इन सभी शिकायतों को भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के तौर पर पहचानना, जांचना और श्रेणी में रखना जटिल काम हो सकता है.’ मांगी गई सूचनाओं के मिलान के लिए कई फाइलों की विस्तृत जांच करनी होगी. इसलिए ये जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम  की धारा 7(9) के तहत नहीं दी जा सकती है.

इसे भी पढ़ें – देखें वीडियोः कैसे गिड़गिड़ाती रही मां और महिला पुलिसकर्मी ने दिया धक्का, ईगो में बेटे को भेजा जेल

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: