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तीसरी बार पलामू आयेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नये साल में देंगे कई सौगात

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Palamu : बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पलामू दौरा तीसरी बार होगा. इसके पहले वह गत लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के लिए प्रचार करने पलामू आये थे. उस समय भी चियांकी एयरपोर्ट मैदान में ही सभा हुई थी. जिला मुख्यालय मेदिननगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 5 जनवरी को ऑनलाइन मंडल परियोजना की आधारशिला रखेंगे. साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे.

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कब से कब तक रुकेंगे पीएम

पीएम का एक घंटा यहां रुकने का कार्यक्रम है. कार्यक्रम पूर्वाहन 10.30 से 11.30 बजे तक चलेगा. इस दौरान प्रधानमंत्री चियांकी एयरपोर्ट के मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. सभा में 80 हजार लोगों की आने की उम्मीद है. पलामू जिला प्रशासन प्रधानमंत्री की यात्रा की तैयारियों में जुटा हुआ है.

सरकारी पदाधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सभी सरकारी पदाधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी हैं. चियांकी एयरपोर्ट के पास कैंप कार्यालय खोला गया है. शनिवार को दूसरे दिन जिले के एसपी इंद्रजीत माहथा ने अधिकारियों के साथ चियांकी हवाई अड्डा का निरीक्षण किया और जरूरतों को दुरूस्त करने का निर्देश दिया. एयरपोर्ट की किलाबंद सुरक्षा के लिए मुक्कमल तैयारी की जा रही है.

12 जगह बनेंगे पार्किंग

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान पार्किंग के लिए 12 जगहों को चिह्नित किया गया है. सभा में शामिल होने के लिए अलग-अलग जगहों से आने वाले लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए उसी तरफ पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी, जिधर से वे आयेंगे. बड़े वाहनों के अलावा प्राइवेट कार के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी. प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का यह तीसरा पलामू दौरा होगा.

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मंडल परियोजना से किसको कितना होगा लाभ

मंडल डैम परियोजना बिहार और झारखंड के लिए अति महत्वाकांक्षी परियोजना है. परियोजना के पूरे हो जाने से झारखंड के पलामू, गढ़वा और लातेहार के अलावा बिहार के गया, औरंगाबाद के हजारों एकड़ जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा.

कब हुआ था शिलान्यास, कितना हुआ अब तक खर्च

मंडल डैम का शिलान्यास 1970 बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने किया था. उस दौरान परियोजना की लागत 125 करोड़ रुपए रखी गयी थी और 1989 तक परियोजना को पूरा करना था. तब 1997-98 तक परियोजना में करीब 850 करोड़ खर्च हो गए थे. 1998-99 में मंडल डैम के निर्माण स्थल पर नक्सलियों ने हमला किया था. नक्सलियों ने इंजीनियर की हत्या कर दी थी. उसके बाद से निर्माण कार्य रूका हुआ था.

कोयल-सोन परियोजना से फायदा

कोयल-सोन परियोजना के पूरे हो जाने से पलामू और गढ़वा को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. सोन नदी को कोयल नदी से जोड़ा जाएगा. दोनों नदियों को पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा. करीब चार हजार करोड़ रुपए योजना की लागत रखी गयी है.

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