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पीएम ने कहा,  इस बजट से गरीब को बल मिलेगा, कांग्रेस बोली, नयी बोतल में पुरानी शराब

पीएम मोदी ने आम बजट को लेकर कहा कि यह देश को समृद्ध और जन-जन को समर्थ बनाने वाला बजट है.

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NewDelhi : प्रधानमंत्री मोदी ने आम बजट को लेकर कहा कि यह देश को समृद्ध और जन-जन को समर्थ बनाने वाला बजट है. इस बजट से गरीब को बल मिलेगा और युवा को बेहतर कल मिलेगा. कहा की इस बजट के मध्यम से मध्यम वर्ग को प्रगति मिलेगी. विकास की रफ्तार को गति मिलेगी. इस बजट से टैक्स व्यवस्था में सरलीकरण होगा, इन्फ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण होगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज लोगों के जीवन में नयी आकांक्षाएं और अपेक्षाएं हैं. यह बजट देश को विश्वास दे रहा है कि इन्हें पूरा किया जा रहा है. यह विश्वास दे रहा है कि दिशा सही है, प्रोसेस ठीक है, गति सही है इसलिए लक्ष्य तक पहुंचना तय है.

बजट उद्यम और उद्यमों को मजबूत बनायेगा, देश में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाएगा. अपनी सरकार के पहले कार्यकाल की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये एक ग्रीन बजट है, जिसमें पर्यावरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सोलर सेक्टर पर विशेष बल दिया गया है. पिछले 5 साल में देश निराशा के वातावरण को पीछे छोड़ चुका है. आज देश उम्मीदों और आत्मविश्वास से भरा हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बजट में आर्थिक जगत के रिफॉर्म भी हैं. आम नागरिक के लिए ईज ऑफ लिविंग भी है और साथ ही गांव और गरीब का कल्याण भी है.

   ना खाता न बही, जो निर्मला कहें वो सही

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने  कहा कि इसमें नया कुछ नहीं है.  बस पुराने वादों की पुनरावृत्ति है.  उन्होंने कहा कि वह नये  भारत के बारे में बात कर रहे हैं लेकिन बजट एक नयी बोतल में पुरानी शराब है. लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, इसमें कुछ भी नया नहीं है.  पुरानी बातों को ही दोहराया गया है.  यह नयी बोतल में पुरानी शराब है.

कहा, वे न्यू इंडिया की बात कर रहे हैं, जबकि कोई नयी पहल नहीं की गयी है.  पेट्रोल और डीजल पर उप कर लगा दिया गया. वे एक ऐसे भारत को पेश कर रहे हैं जो सबके लिए हसीन ख्वाब जैसा है, लेकिन हकीकत में कृषि और अर्थव्यवस्था तथा दूसरे क्षेत्रों को लेकर जो पहले वादे किये गये थे उसमें कुछ नया नहीं किया गया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा ने कहा कि इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है.

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पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, गाँव,ग़रीब व किसान हाशिये पर. क्या थोथे शब्दों से कृषि संकट हल होगा? न किसान की आय दुगनी करने का रास्ता, न न्यूनतम समर्थन मूल्य(एमएसपी) का वादा, अकाल-सूखे से लड़ने का कोई उपाय, न ग्रामीण अर्थव्यवस्था में संकट का सुधार.  केवल डीज़ल पर दो रुपये का अतिरिक्त भार.

योगेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, मैं तो हैरान हूं, ये कैसी बजट स्पीच है. अभी पूरी बजट स्पीच हाथ मे नहीं यी, लेकिन बजट में कहीं इस बात का जिक्र नही कि किस मद में कितना. उन्होंने के सुब्रमणयन के बही खाता वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा, ‘बजट में ना खाता न बही, जो निर्मला कहें वो सही.  बजट से किसानों को उम्मीद थी लेकिन, सूखे का जिक्र नहीं. बटाईदार, ठेके पर खेती करने वालों का कोई जिक्र नहीं.

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