National

एनडीए संसदीय दल की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, वीआईपी कल्चर और छपास-दिखास से बचें

NewDelhi : प्रचंड जनादेश जिम्मेदारियां और बढ़ा देता है. चुनाव दूरियां पैदा कर देता है, दीवार बना देता है. लेकिन 2019 के चुनाव ने दीवार तोड़ दी और दिलों को जोड़ा है. यह चुनाव सामाजिक एकता का आंदोलन बन गया है. संसद भवन के सेंट्रल हॉल में पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एनडीए की संसदीय दल की बैठक में यह बात कही.  पीएम ने कहा, विश्वास की डोर जब मजबूत होती है तो प्रो-इंकंबेंसी लहर पैदा होती है. ये चुनाव पॉजिटिव वोट का चुनाव है. फिर से सरकार को लाना है, काम देना है, जिम्मेदारी देनी है. इस सकारात्मक सोच ने इतना बड़ा जनादेश दिया है.  अपने भाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  राष्ट्रपति भवन के लिए निकले. वे आज सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं.

भाषण के क्रम में मोदी ने कहा, रीजनल एस्पिरेशन से ही नेशनल एंबीशन पूरा हो सकेगा. उन्होंने इसे NARA कहा. पीएम ने कहा, जिन्होंने आपको चुना और जिन्होंने आपको नहीं चुना, उन सब का विश्वास आपको हासिल करना होगा. उन्होंने कहा कि बिना नेशनल एस्पिरेशन के कुछ नहीं हो सकता.

इसे भी पढ़ें-  नरेंद्र मोदी एनडीए संसदीय दल के नेता चुने गये, 30 मई को पीएम पद की शपथ लेंगे

राष्ट्रपति ट्रंप को जितने वोट मिले थे, उतना हमारा इंक्रीमेंट है

इस क्रम में पीएम ने कहा, 2014 में भाजपा को जितने वोट मिले और 2019 में जो वोट मिले, उनमें जो इजाफा हुआ है, वह करीब-करीब 25 प्रतिशत है. लेकिन ग्लोबल परिदृश्य में देखें तो अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को जितने वोट मिले थे, उतना हमारा इंक्रीमेंट है. पीएम ने कहा कि आजादी के बाद इस बार सबसे ज्यादा महिलाएं संसद में चुनकर आयी हैं.  उन्होंने नये और पुराने सांसदों को बड़बोले बयानों के अलावा अहंकार से बचने की नसीहत भी दी. उन्होंने कहा, छपास (अखबार में छपने) और दिखास (टीवी में दिखने) से बचना चाहिए. इससे अगर बचकर चलते हैं तो बहुत कुछ बचा सकते हैं.

इसे भी पढ़ें- भाजपा की बंपर जीत पर ममता ने ट्विटर पर एक कविता पोस्ट की, आई डोन्ट एग्री…

पीएम ने कहा, जो हमें वोट नहीं देते वो भी हमारे हैं

पीएम नरेंद्र मोदी ने हॉल में मौजूद सभी सांसदों और नेताओं से कहा, दिल्ली में आकर अच्छे-अच्छे फंस जाते हैं. कोई भी मंत्री बनने के नाम पर बहकावे में न आये. वीआईपी कल्चर से बचकर रहने की भी जरूरत है. कहा कि एनडीए के पास दो जरूरी चीजें हैं, पहला एनर्जी और दूसरा सिनर्जी. ये एनर्जी और सिनर्जी एक ऐसा केमिकल है, जिसको लेकर हम सशक्त और सामर्थ्यवान हुए हैं, जिसे लेकर हमें आगे चलना है. अपने भाषण के दौरान पीएम ने दलितों और अल्पसंख्यकों का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा कि अगर अल्पसंख्यकों की बेहतरी की चिंता की गयी होती तो अच्छा होता. लेकिन डर का माहौल बनाकर उन्हें दूर रखा गया और चुनाव के दौरान उनका वोटबैंक के तौर पर इस्तेमाल किया गया. इसी छल में हमें छेद करना है. पीएम ने कहा, जो हमें वोट नहीं देते वो भी हमारे हैं, जो हमारे धुर विरोधी हैं,  वे भी हमारे हैं. देश के 130 करोड़ लोगों में कोई भेदभाव नहीं. पीएम मोदी के भाषण के दौरान सदन में भाजपा के 303 और एनडीए के 353 नवनिर्वाचित सांसद मौजूद थे.

पीएम नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुना गया

इससे पहले सर्वसम्मति से पीएम नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुना गया. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से हामी भरी. इसके बाद भाजपा की सहयोगी पार्टियों ने एनडीए संसदीय दल के नेता के तौर पर  मोदी के नाम पर मुहर लगाई. सबसे पहले एनडीए संसदीय दल के नेता के तौर पर अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, एलजेपी चीफ रामविलास पासवान ने मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी ने समर्थन किया.

 इस दौरान अमित शाह ने कहा कि बीजेपी के 303 और एनडीए के 353 सांसद चुनकर आना जनता का आपार समर्थन है. उन्होंने कहा किलोग सोचते थे कि आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई नहीं होती लेकिन मोदी के आने पर लोगों को यकीन हुआ कि कोई ऐसा नेता भी है जो आतंकियों के घर में घुसकर कार्रवाई करता है. शाह ने कहा, 2019 के जनादेश ने परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण को राजनीति से बाहर निकाल दिया है.

 इसे भी पढ़ें- ममता कहा, सीएम नहीं बने रहना चाहती, इस्तीफे की पेशकश, आयोग, केंद्रीय सुरक्षा बल पर लगाये आरोप

 

Related Articles

Back to top button