Opinion

पीएम मोदी का लेह दौरा, क्या लद्दाख में कुछ बड़ा होने वाला है?

Apurv bhardwaj: प्रधानमंत्री सुबह-सुबह लेह पहुंच गए और सेनाओं के मनोबल बढ़ाने के लिए उन्होनो बहुत जोशीली स्पीच दी है मैंने अपने जीवनकाल में किसी प्रधानमंत्री को चीन के खिलाफ इतनी सख्त भाषा का प्रयोग करते हुए नहीं देखा है. इतना वीररस से भरा भाषण और जिसमें महाभारत के कृष्ण का भी उल्लेख हो रहा हो, वो कुछ संकेत दे रहा है. क्या लद्दाख में कुछ बड़ा होने वाला है?

2017 की गर्मियों खत्म होने वाली थी और तब ही डोकलाम को लेकर विवाद हुआ था. तब बीजिंग और नई दिल्ली दोनों के साथ तनाव को शांत करने के लिए उत्सुक थे. उसी दौरान मैंने एक चीनी आर्टिकल को पढ़ा था, जिसमें कहा गया था कि भारत पीछे हट जायेगा क्योंकि वो चीन से हर मामले में कमजोर है “सर्दियों का मौसम आ रहा है और यह स्थिति को कठिन करेगा। भारतीय सैनिक बूढ़े हैं, जबकि हमारे PLA के लड़के युवा और फिट हैं वो उन्हें आसानी से हरा देंगे!

डोकलाम के दौरान दोनों देशो को एहसास था कि एक साथ काम करने से आर्थिक लाभ होंगे. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा था, “चीनी ड्रैगन’ और भारतीय ‘हाथी’ को एक-दूसरे से नहीं लड़ना चाहिए, लेकिन एक-दूसरे के साथ नृत्य करना चाहिए. हम एक और एक दो नहीं बल्कि ग्यारह होंगे लेकिन इस बार ऐसा क्या हुआ कि तनाव इतना बढ़ गया है.

चीन “भेड़िया युद्ध” कूटनीति अपना रहा है. शी जिनपिंग ने 2017 में एक बार सैन्य नेताओं को बताया था “आज, हम इतिहास में किसी भी समय की तुलना में चीनी राष्ट्र के महान कायाकल्प के लक्ष्य के करीब हैं” दरअसल शी जिनपिंग एक ऐसे देश का निर्माण कर रहे हैं, जो खुद को विश्व मंच पर एक मजबूत और अग्रणी शक्ति के रूप में देखता है. अब उसे ऐसा नहीं लगता कि उसे दूसरों के सामने झुकने की जरूरत है और वह सर्वशक्तिमान संयुक्त राज्य अमेरिका को ललकार रहा है. आज चीन ताइवान को धमका रहा है, हांगकांग को आंदोलन को दबा रहा है, दक्षिण चीन सागर में समुद्री दावों को मजबूत कर रहा है.

कारगिल में पाकिस्तान जब घुसकर बैठ कर गया था. तब अटलजी ने सारे कब्जे को हटाकर ही दम लिया था. आज चालक चीन गलवान मैं घुसकर बैठा है तो क्या हम कारगिल की तर्ज पर कारवाई कर सकते है. दरअसल, राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री यही बात करने वाले थे लेकिन इन दो दिनों मैं उन्होंने पुतिन से लेकर ट्रंप से 2 बार बात की है और अचानक ही लेह जाने का फैसला कर लिया. यह सब कुछ बड़ा होने का संकेत है कि अगर अगले कुछ दिनों मैं लद्दाख में एक शार्ट टाइम कॉन्फ्लिक्ट हो जाए तो आप चौक मत जाइयेगा.

Advertisement

5 Comments

  1. I love looking through a post that can make people think. Also, many thanks for permitting me to comment!

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close