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PM मोदी ने राकेश झुनझुनवाला को बताया था ‘वन एंड ओनली’ तो झुनझुनवाला ने मोदी के लिए कहा था- इंडिया का टाइम आ गया

Mumbai: शेयर बाजार के ‘बिग बुल’ और भारत के वॉरेन बफेट के नाम से मशहूर दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुरीद थे. भारतीय बाजार को लेकर उनकी समझ से पीएम मोदी इतना प्रभावित थे कि उन्होंने झुनझुनवाला को ‘वन एंड ओनली’ तक कह दिया था. दरअसल पिछले वर्ष 5 अक्तूबर, 2021 को राकेश झुनझुनवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी.इस मुलाकात के बाद पीएम ने झुनझुनवाला के साथ एक तस्वीर साझा की थी.इसमें उन्होंने लिखा था कि वन एंड ओनली राकेश झुनझुनवाला से मिलकर खुशी हुई. उन्होंने कहा था कि वह भारत को लेकर अतिदृष्टिपूर्ण, आशावादी और बहुत बुलिश हैं.

जब झुनझुनवाला ने कहा था- टाइम आ गया है
इसके बाद झुनझुनवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की थी. एक इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीति की सराहना करते हुए कहा था कि बाजार में कोई बादशाह नहीं होता है,लेकिन भारत का समय आ गया है.देश नए फेज में एंट्री कर रहा है. उन्होंने कहा था कि इस साल भारत की विकास दस 10 फीसदी के आसपास रहेगी.

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Sanjeevani

सबसे सस्ती उड़ान सेवा राकेश झुनझुनवाला का था सपना

राकेश झुनझुनवाला ने पिछले साल जुलाई में देश को सबसे सस्ती उड़ान देने का एलान किया था.अपने एलान के मुताबिक उन्होंने एक साल में अकासा की शुरुआत भी कर दी. सात अगस्त को अकासा एयर ने मुंबई से अहमदाबाद के लिए अपनी पहली उड़ान भरी थी. शनिवार को इस कंपनी की बेंगलुरु से कोच्चि की फ्लाइट भी शुरू हो गई. झुनझुनवाला के विमानन क्षेत्र में उतरने के बाद इस इंडस्ट्री के दिन बदलने की उम्मीद जताई जा रही थी.अकासा की शुरुआत जितनी तेजी से हुई है, उतनी ही तेजी से इसके विस्तार का भी राकेश झुनझुनवाला ने प्लान बनाया था. कंपनी 19 अगस्त से बेंगलुरु-मुंबई और 15 सितंबर से चेन्नई-मुंबई के लिए भी सेवाएं शुरू करने वाली है.अपने वादे के मुताबिक राकेश झुनझुनवाला ने अकासा का सफर सबसे सस्ता रखा है.मुंबई-अहमदाबाद रूट पर बोइंग 737 मैक्स प्लेन के जरिये अकासा एयर की कमर्शियल फ्लाइट्स की शुरुआत हुई.अकासा ने मुंबई-अहमदाबाद रूट पर एकतरफ का न्यूनतम किराया 3,948 रुपये रखा,जबकि इस रूट की दूसरी एयरलाइंस का न्यूनतम किराया 4,262 रुपये से शुरू होता है. इससे पहले कि देशभर में अकासा की उड़ान आसमान की बुलंदियों को छूती,राकेश झुनझुनवाला दुनिया छोड़ गए.

शेयर बाजार में झुनझुनवाला की धाक
राकेश झुनझुनवाला के पिता एक इनकम टैक्स अफसर थे.1985 में झुनझुनवाला जब कॉलेज में पढ़ रहे थे तभी से शेयर बाजार में निवेश करना शुरू कर दिया था. झुनझुनवाला एक क्वालीफाइड CA भी थे.हंगामा मीडिया और एपटेक के चेयरमैन रहे झुनझुनवाला ने मनोरंजन जगत के साथ ही वह वायसराय होटल्स, कॉनकॉर्ड बायोटेक, प्रोवोग इंडिया और जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में भी शामिल थे. झुनझुनवाला ने 1985 में जब शेयर बाजार में निवेश करना शुरू किया था तो उस दौर में सेंसेक्स 150 पॉइंट के आसपास रहता था लेकिन अब यह 50 हजार को पार कर चुका है.झुनझुनवाला की सबसे अहम होल्डिंग टाटा की घड़ी और ज्वेलरी कंपनी टाइटन में है. इसके साथ ही स्टार हेल्थ इंश्योरेंस, मेट्रो ब्रैंड्स और कॉनकॉर्ड बायोटेक सहित कई और कंपनियों में भी झुनझुनवाला का स्टेक है.यहां तक कि झुनझुनवाला के पास स्पाइसजेट और ग्राउंडेड एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज में 1-1% की हिस्सेदारी है।

बॉलीबुड से भी रहा शेयर बाजार के बिग बुल का कनेक्शन

करोड़ों की संपत्ति के मालिक राकेश झुनझुनवाला ने साल 2012 में रिलीज हुई ‘इंग्लिश-विंग्लिश’ फिल्म को प्रोड्यूस किया था,जिसमें दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी नजर आईं थी. 26 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म का कुल कलेक्शन 78.57 करोड़ रहा था.’इंग्लिश-विंग्लिश’ के बाद राकेश झुनझुनवाला ने दो और फिल्मों को प्रोड्यूस किया, जिसका नाम ‘शमिताब’ और ‘की एंड का’ है.’शमिताभ’ में अमिताभ बच्चन, धनुष और अक्षरा हासन ने एक साथ स्क्रीन शेयर की थी.इस फिल्म को भी दर्शकों ने ठीक-ठाक रिस्पॉन्स दिया था.वहीं ‘की एंक का’ में अर्जुन कपूर और करीना कपूर की जोड़ी नजर आई थी. फिल्म लगभग 52 करोड़ की कमाई के साथ सेमी हिट रही थी. झुनझुनवाला के बारे में कहा जाता था कि वे मिट्टी को भी छू लें वह तो सोना बन जाती है.

ऐसे बने शेयर मार्केट के बिग बुल
राकेश झुनझुनवाला महज तीन साल में ही शेयर में पैसे लगाकर करोड़ों का मुनाफा कमा लिया। इसके बाद उन्होंने आए कई कंपनियों में दांव लगाए और खूब लाभ कमाया। लेकिन झुनझुनवाला को जिसने बिग बुल बनाया वह थी टाटा की टाइटन कंपनी। दरअसल, झुनझुनवाला ने साल 2003 में टाटा समूह की कंपनी टाइटन में पैसा लगाए थे। उस वक्त उन्होंने महज तीन रुपये के हिसाब से टाइटन के छह करोड़ शेयर खरीद लिए थे जिसकी वैल्यू 7000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई।

शुरू में टाटा के शेयर ने करा दिया जबरदस्त मुनाफा 
झुनझुनवाला ने शुरू से ही रिस्क लेने वाले शख्स के रूप में अपनी पहचान बनाई थी.उसने अपने भाई के ग्राहकों से बैंक सावधि जमा की तुलना में अधिक रिटर्न के साथ इसे वापस करने के वादे के साथ पैसे उधार लिए. 1986 में, उन्होंने अपना पहला महत्वपूर्ण लाभ तब कमाया जब उन्होंने 43 रुपये में टाटा टी के 5,000 शेयर खरीदे और तीन महीने के भीतर स्टॉक बढ़कर 143 रुपये हो गया.उन्होंने तीन साल में 20-25 लाख कमाए. झुनझुनवाला ने पिछले कुछ वर्षों में टाइटन, क्रिसिल, सेसा गोवा, प्राज इंडस्ट्रीज, अरबिंदो फार्मा और एनसीसी में सफलतापूर्वक निवेश किया है.

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