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बिरसा मुंडा के नाम पर फिर आ सकते हैं पीएम मोदी, पर बीमार है धरती आबा की जन्मभूमि

Ranchi : धरती आबा बिरसा मुंडा के नाम पर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य सरकार ने झारखंड आने का न्योता दिया है. इस बार प्रधानमंत्री को धरती आबा की 100 फीट ऊंची आदमकद प्रति की आधारशिला रखने के लिये आमंत्रित किया गया है. यह प्रतिमा सरकुलर रोड स्थित पुराने जेल में बन रहे स्मृति पार्क में स्थापित की जायेगी. धरती आबा की प्रतिमा के साथ राज्य के एक दर्जन स्वतंत्रता सेनानियों की भी प्रतिमा स्थापित की जायेगी. इसकी रिपोर्ट भी तैयार कर ली गयी है. स्मृति पार्क के सौंदर्यीकरण में 25 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं. इससे पहले पीएम मोदी दो अक्तूबर 2015 को खूंटी में 180 मेगावाट के सोलर संयत्र का उद्घाटन करने आये थे.

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अब तक बीमार है धरती आबा की जन्म स्थली

हाल यह है जिस धरती आबा की आदमकद प्रतिमा राजधानी के हृदय स्थली में लगायी जानी है, उनकी ही जन्म स्थली उलिहातू बीमार है. राज्य सरकार भी इस पर चुप्पी साधे हुए है. बिरसा के वंशजों को अब तक छत भी नसीब नहीं हो पायी है. आठ सितंबर 2017 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी बिरसा की जन्म स्थल उलिहातू गये थे. वहां उन्होंने बिरसा के वंशजों के आवास के लिये भूमि पूजन भी किया था. लेकिन आज तक बिरसा मुंडा के वंशजों के लिये आवास नहीं बन पाया है.

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बिरसा के वंशजों के आवास में भी पेंच

कल्याण विभाग ने झारखंड में आठ शहीदों के गांव के लिए शहीदों के नाम पर आवास योजना की शुरुआत की. इसमें सबसे पहला नाम धरती आबा की जन्मस्थली उलिहातू का है. लेकिन इस आवास योजना में भी पेंच फंसा हुआ है. प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जो मकान बना कर दिया जाता है, उसपर सरकार का खर्च 1.30 लाख आता है. सरकार ने शहीदों के लिए इस खर्च को बढ़ाकर 2.63 लाख कर दिया. जिसके तहत मॉडल मकान बनाकर शहीदों के गांव वालों को दिया जाना था. उलिहातु में जिस मकान की डिमांड शहीद के गांव वाले कर रहे हैं, प्रशासन उसपर लागत करीब 17 लाख रुपए बता रहा है. इस पर अब तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

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