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पीएम आवास योजना : चयनित लाभुकों को मिलनेवाले एलॉटमेंट लेटर के आधार पर लोन देगा बैंक

राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति संग नगर विकास सचिव ने की बैठक, लाभुकों को देने होंगे अधिकतम 4.5 लाख रुपये, पंद्रह वर्षों में करना होगा लाभुकों को भुगतान

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Ranchi : रांची नगर निगम क्षेत्र में रह रहे आर्थिक रूप से कमजोर गरीब परिवारों को आवास देने की पहल नगर विकास एवं आवास विभाग की तरफ से जल्द होनेवाली है. विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि आवास देने का मकसद इन कमजोर गरीब परिवारों को मदद देना है. इसके लिए जहां सरकार लाभुकों को सब्सिडी देगी, वहीं लाभुकों का हिस्सा उन्हें अपने पास से या बैंकों से लोन लेकर देना होगा. आवास लेने के लिए अधिकतम राशि 4.5 लाख रुपये तक की होगी. 15 साल की अवधि (लॉकिंग पीरियड) पूरा करने और लोन चुकता होने के बाद घर पूरी तरह से लाभुक का हो सकेगा. बुधवार को विभागीय सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति के सदस्यों के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया. समिति के सदस्यों को सचिव ने कहा कि लाभुकों के चयन के बाद उन्हें एक एलॉटमेंट लेटर दिया जायेगा, जिसके आधार पर बैंक उन्हें ऋण देगा. बैठक में डायरेक्टरेट ऑफ म्यूनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन के असिस्टेंट डायरेक्टर संजय पांडे, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे.

स्लम में रहनेवाले लोगों को चुकाने होंगे डेढ़ लाख रुपये

बैठक में सचिव ने कहा कि पीएम आवास योजना के प्रथम घटक में स्लम में रह रहे लोगों को अंशदान के रूप में लगभग डेढ़ लाख रुपये देने होंगे. वहीं, घटक तीन में आवास लेनेवाले लाभुकों को लगभग 4.5 से 5.5 लाख रुपये अंशदान के रूप में देने होंगे. 15 साल की अवधि (लॉकिंग पीरियड) पूरा करने और लोन चुकता होने के बाद घर पूरी तरह से लाभुक का हो सकेगा.

विभाग की टीम करेगी दो शहरों का दौरा

सचिव ने कहा कि आवास योजना के नियमों को और सरल बनाने को लेकर नगर विकास विभाग और बैंकों की दो टीमें रायपुर और गुजरात का दौरा करेंगी. टीम के सुझाव के बाद विभाग की फैसिलिटेटर एजेंसी लोगों को सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी देगी. इसको लेकर विभाग राज्य स्तर पर नगर निकायों, बिल्डर्स, अधिकारियों और बैंक प्रबंधन के साथ कार्यशाला का आयोजन भी जल्द करेगा. सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, सबकी प्राथमिकता है कि वैसे परिवार जो शहरों में रह रहे हैं, लेकिन उनका अपना मकान नहीं है, तो उन्हें एक घर देने में सहयोग किया जाये. इसी के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऐसे परिवारों को चिह्नित कर घर देने का काम किया जा रहा है. इसमें उन्हें सरकार सब्सिडी भी दे रही है. उन्होंने कहा कि आनेवाले समय में इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर और तेजी से जमीनी स्तर पर लाने की कोशिश होगी. इसमें बैंकों के सहयोग की आवश्यकता है.

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