न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

PM मोदी ने जल संसाधन मंत्री से कहा- पता लगाएं क्यों ब्रह्मपुत्र नदी का पानी हो रहा है काला

88

New Delhi : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विदेश मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय से ब्रह्मपुत्र का जल काला पड़ने का कारण पता लगाने और इसके उपचारात्मक कदम उठाने को कहा. असम सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने यह निर्देश अपनी अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में दी. जिसमें केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अरूण जेटली, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने हिस्सा लिया.

युद्धस्तर पर उपचाासत्मक कदम उठाए मंत्रालय 

मोदी ने सोनोवाल को आश्वस्त किया कि केंद्र पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी के जल के काला होने की घटना को गंभीरता से ले रही है और केंद्रीय जल आयोग इस मामले को देख रहा है और साथ ही जल संसाधन मंत्रालय को मामले में युद्धस्तर पर उपचाासत्मक कदम उठाने को कहा. ब्रह्मपुत्र नदी के मुद्दे को कई देशों से जुड़े होने को देखते हुए प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्रालय से भी इस विषय को संबंधित देश के साथ उठाने को कहा और इसके कारणों का पता लगाने एवं एक सकारात्मक समाधान निकालने को कहा.

यह भी पढ़ें: ब्रह्मपुत्र का जल प्रवाह मोड़ने के लिए सुरंग बनाने पर विचार कर रहा चीन

जल के रासायनिक एवं भौतिकी संयोग का पता जगाने के लिए किया जा रहा है वैज्ञानिक जांच 

सुषमा स्वराज ने कहा कि उनका मंत्रालय पहले ही इस विषय पर चीन के साथ सम्पर्क में है और इसके वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिये विस्तृत अध्ययन किये जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने अन्य मंत्रालयों को भी समन्वय के साथ इस विषय पर काम करने को कहा और जल संसाधन मंत्रालय से ब्रह्मपुत्र नदी के जल की वैज्ञानिक जांच करना सुनिश्चित करने को कहा ताकि नदी जल के रासायनिक एवं भौतिकी संयोग का पता जगाया जा सके जहां यह काला पड़ गया है .

15 स्थानों का जल इंडियन इंस्टीट्यूट आफ केमिकल टेक्नोलाजी, हैदराबाद भेजने की तैयारी

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार ने असम आपात एवं अग्निशमन सेवा के महानिदेशक को 15 स्थानों पर जल के नमूने लेने को कहा है और उसे हैदराबाद स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट आफ केमिकल टेक्नोलाजी को भेजने को कहा गया है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें
स्वंतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भारत के लोकतंत्र के लिए यह एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है.इस हालात ने पत्रकारों और पाठकों के महत्व को लगातार कम किया है और कारपोरेट तथा सत्ता संस्थानों के हितों को ज्यादा मजबूत बना दिया है. मीडिया संथानों पर या तो मालिकों, किसी पार्टी या नेता या विज्ञापनदाताओं का वर्चस्व हो गया है. इस दौर में जनसरोकार के सवाल ओझल हो गए हैं और प्रायोजित या पेड या फेक न्यूज का असर गहरा गया है. कारपोरेट, विज्ञानपदाताओं और सरकारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण मीडिया की स्वायत्त निर्णय लेने की स्वतंत्रता खत्म सी हो गयी है.न्यूजविंग इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरोकार की पत्रकारिता पूरी स्वायत्तता के साथ कर रहा है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इसमें आप सब का सक्रिय सहभाग और सहयोग हो ताकि बाजार की ताकतों के दबाव का मुकाबला किया जाए और पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित के सवालों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए. हमने पिछले डेढ़ साल में बिना दबाव में आए पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा है. इसे मजबूत करने के लिए हमने तय किया है कि विज्ञापनों पर हमारी निभर्रता किसी भी हालत में 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो. इस अभियान को मजबूत करने के लिए हमें आपसे आर्थिक सहयोग की जरूरत होगी. हमें पूरा भरोसा है कि पत्रकारिता के इस प्रयोग में आप हमें खुल कर मदद करेंगे. हमें न्यूयनतम 10 रुपए और अधिकतम 5000 रुपए से आप सहयोग दें. हमारा वादा है कि हम आपके विश्वास पर खरा साबित होंगे और दबावों के इस दौर में पत्रकारिता के जनहितस्वर को बुलंद रखेंगे.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: