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आरआरडीएः तीन महीने तक प्लॉट के लेआउट प्लान होंगे ऑफलाइन पास

  • आरआरडीए एवं नगर निकायों के प्रस्ताव पर सचिव ने दी सहमति
  • प्रस्ताव पर अनुमोदन के लिए फाइल जायेगी विभागीय मंत्री के पास

Ranchi: राज्य में बड़े भू-भागों पर बननेवाले भवनों एवं कॉलोनियों के लेआउट प्लान ऑफ लाइन (मैनुअली) पास होंगे. यह वैकल्पिक व्यवस्था तीन महीने तक के लिए है. नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में गुरुवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. रांची क्षे़त्रीय विकास प्राधिकार द्वारा इस आशय का प्रस्ताव लाया गया था. सचिव ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति देते हुए नगर विकास मंत्री से अनुमोदन प्राप्त कर लेने का निर्देश क्षेत्रीय विकास प्राधिकार को दिया है. यह वैकल्पिक व्यवस्था राज्य के सभी क्षेत्रीय विकास प्राधिकारों के साथ सभी नगर निकायों के लिए लागू होगी. बैठक में आरआरडीए के उपाध्यक्ष राजकुमार, राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक अमित कुमार,  नगर निवेशक गजानंद एवं आरआरडीए के सचिव मुमताज अली शामिल थे.

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बड़े प्लॉट का लेआउट प्लान पास करने का प्रावधान नहीं

आरआरडीए उपाध्यक्ष ने सचिव को बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल एंड मैनेजमेंट सिस्टम से संबंधित सॉफ्टवेयर में बड़े प्लॉट का लेआउट प्लान पास करने का प्रावधान नहीं है. जबकि साफ्टवेयर में भवनों के नक्शा पास करने का प्रावधान है. लंबित प्लाट के लेआउट पास नहीं होने से रोड, ब्रिज, गृह समितियों और अपार्टमेंट का नक्शा भी पास नहीं हो पा रहा है.

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अलग से सॉफ्टवेयर बनाने का निर्देश

इस पर विभागीय सचिव ने आरआरडीए को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी का सॉफ्टवेयर बनानेवाली टीम से सहयोग लेकर वह स्कोप साफ्टवेयर के स्कोप ऑफ वर्क में अलग से मॉडूयल बनाये. इस काम में तीन महीने का समय लग सकता है. इसलिए तीन महीने तक ऑफ लाइन यानी मैनुअली प्लाट के लेआउट प्लान को पास किया जाये. इसके लिए विभागीय मंत्री से अनुमोदन ले लिया जाये. इसके अलावा सचिव ने निर्देश दिया कि पुराने भवनों के विचलन एवं अन्य कार्यों को भी ऑनलाइन किया जाये.

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