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पीएलएफआई ने ली हजारीबाग में ट्रकों को जलाये जाने की घटना की जिम्मेदारी

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Ranchi/Hazaribagh : शनिवार की शाम हजारीबाग के बड़कागांव क्षेत्र के कुसुंबा गांव में 12 ट्रकों को जला दिया गया था. इस घटना की जिम्मेदारी उग्रवादी संगठन पीएलएफआई ने ली है. रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पीएलएफआई ने कहा कि आगजनी की इस घटना को संगठन के सब-जोनल कमांडर कारिया यादव के नेतृत्व में अंजाम दिया गया है.

क्या है मामला

हजारीबाग जिले के बड़कागांव क्षेत्र के एक हजार आबादी वाले गांव कुसुंबा में शनिवार की शाम छह बजे 12 ट्रकों को आग लगा दी गयी थी. इनमें से 10 ट्रक पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गये, जबकि दो ट्रकों को बचा लिया गया. बताया जा रहा है कि काली वर्दी पहने करीब 100 लोग कुसुंबा गांव पहुंचे. इनमें महिलाएं भी शामिल थीं. इन वर्दीधारी लोगों ने एनटीपीसी का कोयला लेकर बड़कागांव से बानादाग कोलडंप साइडिंग जा रहे 12 ट्रकों को रोका और उनपर डीजल छिड़क कर आग लगा दी. बता दें कि उग्रवादियों द्वारा जिन ट्रकों को आग लगायी गयी, उनमें कोयला लदा हुआ था. ये सभी ट्रक त्रिवेणी कोल माइंस से कोयला लेकर बानादाग रेलवे साइडिंग पहुंचते थे, जहां से कोयला राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जाता है.

ड्राइवर को उतारकर ट्रक में लगा दी आग

मिली जानकारी के अनुसार, उग्रवादियों ने ट्रक ड्राइवरों को पहले ट्रक से उतार दिया और तेल की टंकी को तोड़कर उसमें आग लगा दी. जितने भी ट्रक आ रहे थे, सभी को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया. ड्राइवरों को एक जगह पर हथियार के बल पर कैद कर लिया गया और उनका मोबाइल छीन लिया गया. साथ ही उन्हें हिदायत भी दी गयी कि कोई भी हल्ला नहीं करेगा.

स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा काम

वहीं, उग्रवादियों ने एक पर्चा भी छोड़ा, जिसमें लिखा हुआ है कि स्थानीय लोगों को काम नहीं मिल रहा है और हजारीबाग का पैसा बाहर जा रहा है. इसी कारण घटना को अंजाम दिया गया है. इस घटना के पीछे लेवी की बात सामने आ रही है. पिछली बार भी उग्रवादियों ने लेवी की मांग की थी और कंपनियों ने लेवी देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद उग्रवादियों ने इस बड़ी घटना को अंजाम देकर अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है.

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