JharkhandLead NewsRanchi

रंगदारी वसूलने के लिए जुटे थे पीएलएफआइ नक्सली, पुलिस ने एरिया कमांडर सहित 5 को धर दबोचा

Ranchi : रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के खरसीदाग इलाके में सोमवार को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान में एरिया कमांडर कुंवर उरांव उर्फ जयनाथ सहित पांच उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है.

गिरफ्तार हुए उग्रवादियों के पास से हथियार भी बरामद किये गये हैं. पकड़े गये उग्रवादी हत्या, आगजनी और लेवी वसूली की घटना में शामिल रहे हैं.

एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआइ का एरिया कमांडर कुंवर गोप उर्फ जयनाथ अपने अन्य सहयोगियों के साथ नामकुम थाना क्षेत्र स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क के पास एक अर्धनिर्मित मकान में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है.

Catalyst IAS
ram janam hospital

इसे भी पढ़ें :जेएमएम ने केंद्र के फैसले को बताया वाजिब, कहा 21 जून तक वैक्सीनेशन अभियान का कैलेंडर जारी करे केंद्र सरकार

The Royal’s
Sanjeevani
Pushpanjali
Pitambara

सूचना के आधार पर एसएसपी के निर्देश पर एसएसपी की स्पेशल क्यूआरटी ने अभियान चलाया. इस दौरान दोनों ओर से फायरिंग भी हुई. पुलिस को देख कर सभी उग्रवादी भागने लगे जिसके बाद पुलिस की टीम ने खदेड़ कर कुंवर गोप सहित पांच उग्रवादियों को गिरफ्तार किया.

इन उग्रवादियों के पास से पुलिस ने हथियार, मोबाइल व कैश भी बरामद किया है. बताया जा रहा है कि एरिया कमांडर अपने साथियों के साथ रंगदारी वसूलने के लिए जुटा था. इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई.

इसे भी पढ़ें :बीपीएससी से डीएसपी बननेवाली बिहार की पहली मुस्लिम महिला बनीं रजिया

जानकारी के अनुसार हाल में दर्जनों लोगों से रंगदारी की मांग की गयी थी. इनमें जिन कारोबारियों द्वारा रंगदारी की रकम नहीं दी गयी, उनके खिलाफ किसी घटना को अंजाम देने की योजना बनायी जा रही थी.

इसकी गुप्त सूचना पुलिस को मिलने के बाद खरसीदाग ओपी इलाके के बायोडायवर्सिटी पार्क के पीछे स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में छापेमारी की गयी. जहां सभी बैठक कर रहे थे. कुंवर उरांव हाल में ही जेल से छूटा है.

वह पुनई उरांव के साथ इलाके में सक्रिय था. पुनई के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पूरे इलाके में संगठन का विस्तार कर रहा था.

इसे भी पढ़ें :रघुवर ने उठायी छठी जेपीएससी परीक्षा की सीबीआइ जांच की मांग

Related Articles

Back to top button