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योजनाओं का होगा ऑन स्पॉट वेरिफिकेशन, कमेटी करेगी जांच

सफल योजना क्रियान्वयन एवं गुणवत्ता सुधार को लेकर डीसी ने जारी किये निर्देश

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Chatra: केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जिले में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं में लीपापोती व अनियमितता अधिकारियों को भारी पड़ेगी. योजनाओं के शत-प्रतिशत गुणवत्ता पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह सख्ती के मूड में हैं. उपायुक्त ने लापरवाह अधिकारियों पर नकेल कसने को लेकर विभिन्न विभागों द्वारा चलायी जा रही विकास योजनाओं का ऑन स्पॉट वेरिफिकेशन कराने का निर्णय लिया है.

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लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी

इस बाबत डीसी ने उपरोक्त विभागों के लिए अलग-अलग जांच कमेटियों का भी गठन कर योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर, योजना निर्माण की गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश जारी कर दिया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों के लापरवाह अधिकारियों व कर्मियों के साथ-साथ संवेदकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया अपनायी जायेगी.

निर्णय के आलोक में पहले चरण में उपायुक्त ने आरईओ, एनआरईपी, भवन प्रमंडल, पथ निर्माण विभाग, जिला परिषद, लघु सिंचाई प्रमंडल, ग्रामीण विकास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के अलावे नगर परिषद द्वारा विभिन्न इलाकों में कराये गये निर्माण की गुणवत्ता जांच का निर्देश जारी किया है.

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अलग-अलग अधिकारियों को जांच का जिम्मा

डीसी की गोपनीय शाखा द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक, आरईओ विभाग द्वारा कराये गये निर्माण की गुणवत्ता की जांच अनुमंडल पदाधिकारी, चतरा राजीव कुमार और पीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार करेंगे. जबकि एनआरईपी की योजनाओं की जांच जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अनवर हुसैन, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल बिनोद राम करेंगे.

भवन प्रमंडल की योजनाओं की जांच डीआरडीए निदेशक अनिल कुमार व कार्यपालक अभियंता ग्रामीण विकास विभाग सचिदानंद सिंह, पथ प्रमंडल की योजनाओं की जांच प्रभारी पदाधिकारी विधि शाखा राजेश कुमार सिन्हा और जिला अभियंता जिला परिषद रामकुमार सिंह, जिला परिषद का अनुमंडल पदाधिकारी राजीव कुमार और कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई मो.लियाकत अली करेंगे. जबकि लघु सिंचाई विभाग की योजनाओं की जांच की जिम्मेवारी प्रभारी पदाधिकारी विधि शाखा राजेश कुमार सिन्हा व पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार को सौंपी गयी है.

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ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की जांच कार्यपालक दंडाधिकारी मो.आबिद हुसैन व जिला अभियंता रामकुमार सिंह की टीम करेगी. पीएचईडी के कार्यों की जांच जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अनवर हुसैन व कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई मो.लियाकत अली करेंगे. वहीं नगर परिषद द्वारा शहर में कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता की पड़ताल डीआरडीए निदेशक अनिल कुमार व पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार करेंगे.

वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 योजनाओं की जांच

डीसी ने इस बाबत सभी संबंधित विभागों के सहायक अभियंताओं व अन्य अधिकारियों व कर्मियों को जांच टीम को सहयोग करने का निर्देश जारी किया गया है. निर्देश के मुताबिक जांच टीम वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 में संबंधित विभागों द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता व कार्यों के निष्पादन में उचित प्रक्रिया अपनाने से संबंधित जांच प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर समर्पित करेगी. इसके अलावा उपरोक्त विभागों द्वारा निर्माण करायी जा रही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अर्धनिर्मित भवन व सड़क की सूची लागत और उपयोगिता के साथ समर्पित करने का भी निर्देश जांच कमेटी को जारी किया गया है.

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