NEWS

चीनी सेना ने माना, अरुणाचल के युवक उस पार मिले, वापसी के प्रयास जारी : रिजीजू  

New Delhi: युवा मामलों और खेल मंत्रालय के राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने कहा है कि चीनी पीएलए ने अरुणाचल प्रदरेश के युवकों के सीमा के उस पार पाये जाने की पुष्टि की है.

उन्होंने मंगलवार को ट्वीट कर बताया, “भारतीय सेना की तरफ से भेजे गये हॉटलाइन संदेश पर चीन की पीएलए ने जवाब दिया है. उन्होंने पुष्टि की है अरुणाचल प्रदेश से लापता युवा उनकी तरफ पाये गये हैं. उन्हें अधिकारियों को सौंपे जाने की आगे की अपौचारिकताओं पर काम किया जा रहा है.”

इसे भी पढ़ें – मनरेगाः 3931 परिवारों ने पूरा किया 100 दिन का काम, अब काम नहीं मिला तो पलायन को होंगे मजबूर

advt

चीनी सेना ने पहले किया था इनकार

अरुणाचल प्रदेश से अगवा किये गये 5 भारतीयों को लेकर चीन ने पहले तो इसकी जानकारी होने से इनकार किया था. केंद्रीय मंत्री ने मंगलवार को बताया कि अगवा भारतीयों को वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है. अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी जिले के पांचों युवक जंगल में शिकार करने गये थे जहां से वे लापता हो गये थे. बाद में परिजनों ने आरोप लगाया कि चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने उन्हें अगवा कर लिया है.

इसे भी पढ़ें – ड्रग्स केस में NCB ने किया रिया को गिरफ्तार, मेडिकल टेस्ट की तैयारी शुरू

एलएसी पर  हुई थी फायरिंग! 

बता दें कि भारत-चीन के बीच विवाद के केंद्र बने एलएसी पर पहली बार सोमवार रात फायरिंग भी हुई थी. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन अपनी चालाकियों और चालबाजियों से बाज नहीं आ रहा. पहले उकसावे के कार्रवाई करता, फिर बातचीत की पहल और भारत पर ही सारा दोष मढ़ने की कोशिश. सोमवार रात की घटना को लेकर भी चीन ने कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की.

उसने भारतीय सैनिकों पर एलएसी पार करने और फायरिंग करने का दावा किया था, जिसकी पोल भारतीय सेना ने खोलकर रख दी. भारतीय सेना ने कहा कि चीन स्थिति को तनावपूर्ण बनाने के लिए लगातार उकसावे वाली कार्रवाई कर रहा है. चीन के आरोपों को सिरे खारिज करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने कभी भी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पार नहीं की. ना ही फायरिंग समेत किसी आक्रामक तरीके का इस्तेमाल नहीं किया. 

adv

इसे भी पढ़ें – कोर्ट से गायब हो गये दस्तावेज! अब कैसे मिलेगा न्याय?

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button