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पीयूष गोयल को है जानकारी का अभाव, 110 ट्रेनों के लिए दी है NOC, कहें तो भेज दें पूरी लिस्ट: हेमंत सोरेन

Ranchi : प्रवासी मजदूरों को उनके संबंधित राज्यों में भेजे जाने के लिए चलाये जा रहे रेल पर राजनीति शुरू हो गयी है. दरअसल केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के एक बयान के बाद मामला और भी गरमा गया है. पीयूष गोयल ने अपने बयान में कहा था कि कुछ गैर बीजेपी शासित राज्यों द्वारा ट्रेन चलाने की अनुमति नहीं देने पर  मजदूर कष्ट झेल रहे हैं. रेलमंत्री के इस बयान पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जवाब दिया है.

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि प्रवासी मजदूरों की घऱ वापसी के लिए ट्रेन चलाने को लेकर हमेशा पीयूष गोयल से उनकी बातचीत हुई है. जब ट्रेनों को शुरू किया गया, तो भी उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उन्हें फोन कर धन्यवाद दिया. मौखिक और लिखित रूप से भी उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पत्र लिख ट्रेन चलाने का अनुरोध किया था. सीएम सोरेन ने कहा कि लगभग 106 ट्रेन चलाने के लिए उनसे एनओसी मांगा था. जबकि झारखंड सरकार करीब 110 ट्रेनों की एनओसी दे चुकी है. इसमें लगभग 50 ट्रेनें पहले ही राज्य में आ चुकी हैं.

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शायद जानकारी का अभाव है रेल मंत्री को, चाहे तो भेज सकते हैं पूरी लिस्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के रेल मंत्री का यह बयान किस संदर्भ में आया है, यह समझ से परे है. हेमंत सोरेन ने कहा कि ऐसा लगता है कि रेल मंत्री को जानकारी का अभाव है. या उन्हें नहीं मालूम होगा कि किस राज्य में कितनी ट्रेनें चल रही हैं.

यही कारण है कि पीयूष गोयल ने गलती से झारखंड का नाम ले लिया होगा. अगर फिर भी उन्हें विश्वास नहीं है, तो झारखंड सरकार उन्हें वह लिस्ट भेज सकती है, जिसमें सरकार ने कितने ट्रेनों की अनुमति दी है और कितने ट्रेन राज्य में आ चुकी हैं.

गैर बीजेपी शासित राज्यों पर पीयूष गोयल ने लगाया है आरोप

बता दें कि पीयूष गोयल ने मीडिया को दिये बयान में कहा है कि रेलवे हर दिन करीब 300 श्रमिक ट्रेनों को चलाकर प्रवासी मजूदरों को उनके घऱ तक पहुंचाने को तैयार है. लेकिन कुछ गैर बीजेपी शासित राज्य सरकारों (राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और झारखंड) द्वारा ही ट्रेनों को अनुमति नहीं दी जा रही है. इसके कारण ही मजदूरों को घर से दूर रहकर कष्ट सहना पड़ रहा है.

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सबसे पहले उन्होंने ही रेल चलाने का किया था अनुरोध : हेमंत सोरेन

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि रेल मंत्री को उनके ही विभाग द्वारा सही जानकारी उनतक नहीं पहुंचायी जा रही है. राज्य सरकार ने अबतक 110 ट्रेनों के लिए NOC दे दी है. और 50 ट्रेनों में लगभग 60,000 से ज़्यादा मजदूर घर भी लौट चुके हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ही सबसे पहले प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन चलाने की गुहार रेल मंत्री और केंद्र से लगायी थी. हेमंत ने एकबार फिर रेल मंत्री से झारखंड के लिए ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें चलाने का आग्रह किया है.

उनके मुताबिक, अभी हर रोज़ मात्र 4-6 ट्रेनें झारखंड आ रही हैं, जो हमारे लगभग 7 लाख श्रमिक झारखंडियों को जल्द वापस लाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. उन्होंने उम्मीद जतायी है कि रेल मंत्री राज्य के सवा 3 करोड़ जनसंख्या की ओर से प्रवासी मजदूरों की बात सुनेंगे और सहायता करेंगे.

 

मानव त्रासदी के जनक बन गये हैं पीयूष गोयल : जेएमएम

रेल मंत्री के इस बयान पर सत्तारूढ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने पलटवार किया है. पार्टी का कहना है कि रेल मंत्री मानव त्रासदी के जनक बन गये हैं. गैर बीजेपी शासित राज्यों द्वारा मजदूरों को घर वापसी के लिए रेल चलाने की गुहार कब से लगायी जा रही थी.

लेकिन केंद्र ने कोई संज्ञान नहीं लिया. आखिर केंद्र सरकार और रेल मंत्री अपनी अकर्मण्यता छुपाने के लिए गैर-भाजपा राज्यों पर दोषारोपण क्यों कर रहे हैं. यह दुर्भाग्य है कि इस आपदा की घड़ी में रेल मंत्री देश की नहीं सिर्फ बीजेपी के रेल मंत्री बनकर रह गये हैं.

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