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पीयूष गोयल फिर बने रेल मंत्री, वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की भी रहेगी जिम्मेदारी

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New Delhi : पीयूष गोयल को एक बार फिर रेल मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है. साथ ही उन्हें कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय भी सौंपा गया है. अपने दूसरे कार्यकाल में उनके सुरक्षा, किराए में वृद्धि किए बिना राजस्व जुटाने, पटरियों के पुनर्निर्माण, आधुनिकीकरण और अत्याधुनिक डिब्बों के उत्पादन में वृद्धि करने की दिशा में कदम उठा सकते हैं.

गोयल के पिछले कार्यकाल में रेलवे में सबसे कम दुर्घटनाएं हुई थी और वह हमेशा इस बात को दोहराते रहे हैं कि ‘शून्य दुर्घटना मानक’ के लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं.

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ट्रेनों के अत्याधुनिक डिब्बों का निर्माण बढ़ाना होगी बड़ी चुनौती

इस बार उनकी सबसे बड़ी चुनौती पटरियों की समय पर देखरेख और उनका पुनर्निर्माण करना होगा. उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना होगा कि रेलवे कारखानों में ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ जैसी ट्रेनों के अत्याधुनिक डिब्बों का निर्माण बढ़े ताकि उनकी सेवाएं बढ़ाई जा सकें.

अपने 20 विश्वसनीय सलाहकारों के साथ मिलकर काम करने के लिए पहचाने जाने वाले गोयल ‘स्प्रेडशीट’ के माध्यम से हर परिचालन विवरण और आमतौर पर तथ्यों एवं आंकड़ों पर नजर रखते हैं. गोयल ट्विटर पर भी काफी सक्रिय रहे हैं और अधिकतर यात्रियों के तमाम प्रश्नों के उत्तर भी देते रहे हैं.

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तेज तर्रार मंत्री माने जाते हैं गोयल

उल्लेखनीय है कि गोयल मोदी सरकार के युवा चेहरों में गिने जाने वाले मंत्री हैं. उन्हें तेज तर्रार मंत्री भी माना जाता है. साथ ही जिस भी विभाग को जिम्मेदारी गोयल पर रहती है उन विभागों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी वो जाने जाते हैं.

रेल मंत्री बनने के बाद भी विभाग में काफी बदलाव आये. गोयल ने खुद ये बात कही की उनके रेल मंत्री बनने के बाद रेल दुर्घटनाएं नहीं हुई हैं.

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