Jamshedpur

मकर संक्रांति पर नदी तटों और घाटों की सफाई में युद्धस्तर पर जुटी है जेएनएसी

Jamshedpur : जमशेदपुर शहर में फसल कटनी का त्योहार टुसू पर्व पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता रहा है, लेकिन पिछले दो साल से कोरोना महामारी ने इस उत्सव पर विराम लगा दिया है. हालांकि जमशेदपुर में टुसू एवं मकर संक्रांति पर्व पर नदी में स्नान कर दान करने के बाद ही चूड़ा, गुड़ एवं तिल का सेवन किया जाता है. मकर संक्रांति पर लोग भारी संख्या में स्नान करने हेतु जमशेदपुर के दोमुहानी एवं स्वर्णरेखा गांधी घाट पर उमड़ते हैं. लेकिन इस साल राज्य सरकार कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए नदी तटों पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की गयी है. जिला प्रशासन की तरफ से लगातार लोगों में जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है. लोक आस्था का पर्व होने के कारण स्नान के लिए नदी साफ एवं स्वच्छ हो, इसलिए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति प्रमुख नदी तटों एवं घाटों की सफाई का काम युद्धस्तर पर कराया जा रहा है. नगर प्रबंधकों की निगरानी में स्वर्णरेखा नदी घाट, दोमुहानी नदी घाट, कल्याण नगर भुईयाडीह, सती घाट कदमा जैसे प्रमुख नदी घाटों के अलावा अन्य छोटे घाटों एवं वहां जाने के रास्तों की साफ-सफाई करायी जा रही है. जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के कई वरीय अधिकारी एवं कर्मचारी संक्रमण से जूझ रहे हैं, उसके बावजूद 14 जनवरी को जमशेदपुर के नागरिकों को स्वच्छ नदी घाट की व्यवस्था देने के लिए विशेष पदाधिकारी के निर्देश पर नगर प्रबंधक जॉय गुड़िया एवं अनय राज अपने क्षेत्र के पर्यवेक्षकों, सफाई कर्मियों एवं संबंधित संवेदकों की मदद से युद्ध स्तर पर नदी तट को साफ करने के काम में जुटे हैं.

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