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#PhD प्रवेश परीक्षा: RU ने एग्जाम के चार माह बाद भी नहीं निकाला रिजल्ट, श्यामा विवि ने एक घंटे में जारी कर दिये नतीजे

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Rahul Guru

Ranchi: राजधानी रांची के बीचो-बीच दो विश्वविद्यालय हैं. रांची विश्वविद्यालय, रांची और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि (डीएसपीएमयू). दोनों ही यूनिवर्सिटी अपने काम की वजह से चर्चा में बनी रहती है.

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रांची विवि ने आवेदन के दो साल बाद पीएचडी व एमफिल की प्रवेश परीक्षा तो ले ली लोकिन परीक्षा के चार माह बीत जाने के बाद भी परिणाम जारी नहीं किये हैं. जबकि राज्य का सबसे नया विश्वविद्यालय डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि ने पहली बार पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट लिया.

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टेस्ट लेने के एक घंटे के भीतर परिणाम भी जारी कर दिया. दोनों विवि की कार्यप्रणाली में अंतर को लेकर शिक्षकों और स्टूडेंट्स के बीच काफी चर्चा हो रही है.

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि में 117 उम्मीदवार हुए हैं सफल

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि की ओर से एक दिसंबर को प्रवेश परीक्षा ली गयी. और उसी दिन परिणाम भी जारी कर दिये गये. इस विवि में पहली बार 13 विषयों के 131 सीटों में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन ली गयी.

प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए 18 नवंबर से आवेदन आमंत्रित किये गये थे. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए विभागवार आवेदन मंगाये गये थे.

विभागवार आये थे 152 आवेदन

जिसमें एंथ्रोपोलॉजी के लिए 14, बॉटनी के लिए 33, केमिस्ट्री के लिए 06, कंप्यूटर साइंस के लिए 05, अंग्रेजी के लिए 12, इंवायरमेंटल साइंस के लिए 05, भूगोल के लिए 09, गणित के लिए 07, माइक्रो बायोलॉजी के लिए 05, फिजिक्स के लिए 03, राजनीति विज्ञान के लिए 15, साइकोलॉजी के लिए 05, संस्कृत के लिए 03, सोशियोलॉजी के लिए 01, टीआरएल के लिए 06 और जूलॉजी के लिए 23 आवेदन आये थे.

वहीं विषयवार सीटों में अंग्रेजी में 04, संस्कृत में 11, फिलॉस्फी में 02, टीआरएल में 05, बॉटनी में 38, केमिस्ट्री में 10, गणित में 10, फिजिक्स में 02, जूलॉजी में 18, एंथ्रोपोलॉजी में 21, भूगोल में 02, राजनीति विज्ञान में 03, साइकोलॉजी में 05 सीट है.

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रांची विश्वविद्यालय का एंट्रेंस टेस्ट में ही रहा विवाद

रांची यूनिवर्सिटी की ओर से 22 सितंबर को प्रवेश परीक्षा ली गयी. लेकिन यह परीक्षा ही विवादों में आ गयी. परीक्षा होने के एक घंटे पहले तक पता ही नहीं चल पाया था कि प्रवेश परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान है भी या नहीं.

जैसे-तैसे एंट्रेंस टेस्ट तो हो गया, पर परीक्षा के लगभग चार माह बीत जाने के बाद भी परिणाम जारी नहीं किया जा सका. गौरतलब है कि रांची यूनिवर्सिटी की ओर से साल 2017 के बाद साल 2019 में प्रवेश परीक्षा आयोजित की गयी. इसमें सत्र 2017-18 और 2018-19 के छात्रों की परीक्षा ली गयी.

एमफिल के लिए भी इन्हीं दो सत्रों के लिए प्रवेश परीक्षा ली गयी. पीएचडी के लिए लगभग 3600 और एमफिल के लिए लगभग दो हजार छात्रों ने परीक्षा दी. लेकिन दोनों में से किसी भी परीक्षा का रिजल्ट यूनिवर्सिटी नहीं निकाल पायी है.

परीक्षा के लिए बढ़ती रही तारीख

साल 2017 में आवेदन आमंत्रित करते समय यूनिवर्सिटी की ओर से परीक्षा की तारीख नहीं निकाली गयी थी. साल 2018 में यूनिवर्सिटी ने सत्र 2017-18 के लिये 30 नवबंर को परीक्षा लेने की बात कही. लेकिन परीक्षा स्थगित कर दी गयी.

इसके लगभग छह माह बाद यूनिवर्सिटी ने एक अप्रैल 2019 को सूचना जारी की, जिसमें पीएचडी और एमफिल परीक्षा सत्र 2017-18 को टालते हुए नये आवेदन आमंत्रित किये गये. नये आवेदन के लिये आखिरी तारीख 25 अप्रैल रखी गयी.

फिर से जुलाई में यूनिवर्सिटी ने सूचना जारी की जिसमें 30 जुलाई तक नये आवेदन आमंत्रित किये गये. कई बार परीक्षा टाले जाने के बाद यूनिवर्सिटी ने 22 सिंतबर को परीक्षा ली थी.

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SP Jamshedpur 24/01/2020-30/01/2020

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