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शहरी क्षेत्रों में खोली जा रहीं है पीएचसी, लेकिन स्लम बस्तियां अब भी हैं वंचित

जहां पीएचसी है वहां संसाधन उपलब्ध नहीं

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Ranchi:  राज्य स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी दुरूस्त है, इसकी जानकारी समय-समय पर होते रहती है. सरकारी योजनाएं बना तो दी जा रही हैं लेकिन फंड या विभागीय कार्यों के कारण काम रूक जा रहे है.

कुछ ऐसा ही हाल राज्य में नेशनल अरबन हेल्थ मिशन; एनयूएचएमद्ध का है. जिसके तहत शहरी स्लम बस्तियों में प्राइमरी हेल्थ सेंटर खोलना था. लेकिन राज्य में योजना अब तक पूरी नहीं हो पायी है.

कुछ क्षेत्रों में पीएचसी खोली गयी हैं. लेकिन वहां संसाधनों की भारी कमी है. वहीं इस योजना का मुख्य फोकस शहरी स्लम बस्तियां थी. लेकिन इन इलाकों में भी अब तक पीएचसी नहीं खोला गया है.

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राजधानी में एक भी स्लम बस्तियों में नहीं है पीएचसी

राजधानी रांची के एनयुएचएम कर्मचारियों से जानकारी मिली कि राजधानी में आठ जगहों में अरबन पीएचसी खोले गये हैं. लेकिन एक भी पीएचसी बस्तियों में नहीं खोली गयी. पीएचसी हरमू, रातु रोड, जगन्नाथपुर, हटिया, तुपूदाना, एदलहातू, बड़गाई, हेसल में खोला गया.

वहीं अगर स्लम बस्तियों की बात की जाये तो राजधानी में हिंदपीढ़ी जहां लगभग डेढ़ लाख की जनसंख्या है, वहीं पहाड़ी टोला, कांटा टोली, डोरंडा आदि क्षेत्र में भी कई बस्तियां हैं, इन प्रति बस्तियों की आबादी 50,000 के उपर है. फिर भी इन क्षेत्रों में पीएचसी नहीं खोला गया.

योजना के तहत इन क्षेत्रों में भी पीएचसी खोला जाना था.

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जहां पीएचसी खोलें गए वहां संसाधनों की कमी

जिन आठ क्षेत्रों में पीएचसी खोली गयी है, वे सभी प्राइवेट बिल्डिंग में है. सिर्फ हटिया स्थित पीएचसी ही सरकारी भवन में कार्यरत है. लेकिन फिर भी इन पीएचसी में संसाधनों की काफी कमी है.

न ही नियमित ड़ॉक्टर इन पीएचसी में बैठते हैं और न ही इतने उपकरण या दवाईयां उपलब्ध हैं कि सही से मरीजों का इलाज कर सकें. खुद रातु रोड के पीएचसी कर्मचारियों ने जानकारी दी कि अधिकांश मामलों में मरीजों को सदर अस्पताल ही भेजा दिया जाता है.

एक ही क्षेत्र में खोल दिया गया दो सीएचसी

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सूत्रों से जानकारी मिली कि योजना के तहत प्रति तीन लाख की आबादी में एक सीएचसी खोली जानी थी.  लेकिन डोरंडा में सरकार ने दो पीएचसी खोल दिया. जबकि अन्य शहरी क्षेत्रों में भी इसकी आवश्यकता है.

जानकारी मिली की प्रति तीन लाख की आबादी में एक पीएचसी खोला जाना है. जिला में अन्य तीन पीएचसी की जरूरत है.

16 का प्रपोजल सरकार के पास पेंडिंग

रांची एनयूएचएम के जिला मैनेजेर कुलभूषण ने जानकारी दी गयी कि जिला के लिए 24 जगहों को चिन्हित किया गया था. जिसमें से 8 जगहों में पीएचसी खोली गयी है. लेकिन 16 पीएचसी का प्रपोजल बना कर  स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है.

राज्य सरकार के पास से भारत सरकार के पास जाते ही अन्य स्थानों पर पीएचसी खोले जायेंगे. इस संबध में विभागीय अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गयी. लेकिन संपर्क नहीं हो पाया.

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क्या थी योजना

नेशनल अरबन हेल्थ मिशन साल 2014 में देश भर में लागू किया गया. जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी पीएचसी खोली थी.

लहू बोलेगा के संयोजक नदीम खान ने जानकारी दी कि योजन का मुख्य फोकस शहरी स्लम बस्तियां थी. जहां आबादी लगभग 50 से 75 हजार हो. ऐसी बस्तियों में पीएचसी खेालना था.

लेकिन येाजना लागू हुए चार साल हो गये. कहीं भी शहरी स्लम बस्तियों में पीएचसी नहीं देखा जाता.

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