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आदिवासी हित में चलाया जायेगा चरणबद्ध आंदोलन : केंद्रीय आदिवासी मोर्चा

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  • सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद आदिवासी संगठन होने लगे हैं गोलबंद
  • पुतला दहन सहित राजभवन घेराव का होगा कार्यक्रम

Ranchi : सुप्रीम कोर्ट के लाखों आदिवासियों को जंगल से बेदखल करने के निर्देश के बाद अब राज्य के कई आदिवासी संगठन गोलबंद हो गये हैं. इसी कड़ी में झारखंड प्रदेश केंद्रीय आदिवासी मोर्चा ने रविवार को प्रेस वार्ता कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से आदिवासी समुदाय नाराज है. इस निर्णय से आदिवासियों के प्रति सरकार की मंशा साफ झलकती है. मोर्चा के अध्यक्ष कुलदीप तिर्की ने बताया कि अपने वकील के माध्यम से केंद्र सरकार ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष नहीं रखा, यह बताता है कि कैसे आदिवासी समुदाय को लेकर केंद्र और राज्य की सरकार असंवेदनशील है. उन्होंने कहा कि यह फैसला आदिवासियों के खिलाफ भाजपा सरकार का सबसे बड़ा हमला है. इसके खिलाफ मोर्चा ने चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाने का फैसला किया है.

वनाधिकार कानून-2006 के संदर्भ आया है फैसला

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी को दिये अपने फैसले में 21 राज्यों के 10 लाख से अधिक आदिवासियों को जंगल से बेदखल करने को कहा है. इसके लिए अदालत ने जुलाई तक का समय केंद्र व राज्य सरकारों को दिया है. अदालत का यह फैसला वनाधिकार कानून-2006 के संदर्भ में आया है. इसे लेकर देश भर के आदिवासी संगठनों, नेताओं और बुद्धिजीवियों ने सवाल उठाये हैं.

लड़ाई के सिवाय दूसरा विकल्प नहीं

मोर्चा के अध्यक्ष ने बताया कि सरकार और संवैधानिक संस्थाओं ने अब आदिवासियों एवं वनाश्रित समुदायों के लाखों लोगों के खिलाफ एक अघोषित युद्ध छेड़ दिया है. इस युद्ध के खिलाफ लड़ने के सिवाय अब आदिवासियों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला दरअसल भाजपा का आदिवासियों पर एक बड़ा हमला है.

चरणबद्ध तरीके से चलाया जायेगा आंदोलन

महासचिव अलविन लकड़ा ने बताया कि मोर्चा की तरफ से निर्णय के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन के तहत निम्न कार्रवाई की जायेगी-

  • प्रथम चरण में 28 फरवरी को अल्बर्ट एक्का चौक पर केंद्र और राज्य सरकार का पुतला दहन कार्यक्रम
  • दूसरे चरण में हरेक गांव, प्रखंड में पुतला दहन कार्यक्रम
  • तीसरे चरण में 16 मार्च को राजभवन का घेराव

उन्होंने बताया कि आदिवासियों के हित में अगर जरूरत पड़ी, तो झारखंड बंद एंव आर्थिक नाकेबंदी का कार्यक्रम किया जायेगा.

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