न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पेट्रोल और डीजल की कीमत लगभग बराबर, धनतेरस पर बिकी 80 फीसदी से ज्यादा पेट्रोल इंजन की गाड़ी

झारखंड की अगर बात की जाए तो कार शोरूम वालों का कहना है कि 80 फीसदी से ज्यादा गाड़ी पेट्रोल इंजन की बिकी है.

128

Ranchi: पेट्रोल और डीजल की कीमतो में पांच नवंबर को 0.83 रुपए का फर्क है. जो एक रुपया से भी कम है. ऑटोमोबाइल सेक्टर के कार सेक्शन में इसका बड़ा असर हुआ है. झारखंड की अगर बात की जाए तो कार शोरूम वालों का कहना है कि 80 फीसदी से ज्यादा गाड़ी पेट्रोल इंजन की बिकी है. ये हैरान करने वाली बात है. जानकार मानते हैं कि कार सेक्शन में काफी पहले से पेट्रोल इंजन का ही बोलबाला रहा है. लेकिन धनतेरस के दिन 80 फीसदी से ज्यादा कार पेट्रोल इंजन की बिके यह काफी चौंकाने वाले आंकड़े हैं. जहां पेट्रोल और डीजल की कीमत में पांच नवंबर को 0.83 रुपए का अंतर है. वहीं पेट्रोल इंजन और डीजल इंजन के टॉप मॉडल कारों में करीब 1.5 लाख का अंतर है. लेकिन चाल और ताकत में पेट्रोल इंजन, डीजल इंजन के कहीं आस-पास भी नहीं टिकता. फिर भी ईंधन में लगभग बराबरी की वजह से लोग का रुझान पेट्रोल इंजन की तरफ ज्यादा हो रहा है.

mi banner add

इसे भी पढ़ें – धनतेरस पर बाबूलाल मरांडी ने रघुवर सरकार पर फोड़ा 5000 करोड़ का बम

आंकड़ों से जाने पेट्रोल और डीजल इंजन का हाल

Hilltop Motor- Hilltop Motor के ऑपरेशन डिपार्टमेंट का कहना है कि धनतेरस के मौके पर हिलटॉप मोर्टस से 76 गाड़ियां बिकी. जिनमें 60 पेट्रोल इंजन हैं और 16 डील इंजन.

Premsons Motors- Premsons Motors के सेल्स डिपार्टमेंट का कहना है पूरी यूनिट से करीब 850 गाड़ियां बिकीं. इनमें से 700 गाड़ियां पेट्रोल इंजन हैं और 150 गाड़ियां डीजल इंजन.

Sudha Motors- Sudha Motors का कहना है कि उनके यहां से 325 गाड़ियां बिकी हैं. इनमें से 225 गाड़ियां पेट्रोल इंजन की है और 100 गाड़ी डीजल इंजन हैं.

Fairdeal Hyundai- Fairdeal Hyundai के अधिकारियों का कहना है कि उनके यहां से 100 गाड़ी की बिक्री हुई है. इनमें से 70 गाड़ी पेट्रोल इंजन है और 30 गाड़ी डीजल इंजन.

Republic Hyundai- Republic Hyundai के अधिकारियों का कहना है कि उनके यहां से 135 गाड़ी बिकी है. इनमें से 88 गाड़ी पेट्रोल इंजन है और 47 गाड़ी डीजल इंजन

इसे भी पढ़ें – पीटीआर को हर साल मिलता है 4.5 करोड़ का फंड, फिर भी पांच माह से पीटीआर में नहीं दिखा बाघ

कैसे तय करें कि पेट्रोल या डीजल इंजन लेना है

कितना सफर करते हैं

गाड़ी चुनते वक्त इस बात पर ध्यान जरूर दें कि आपको डेली बेसिस पर कितना चलना होता है. जैसे अगर आपको कम दूरी पर ज्यादा ट्रेवल करना होता है तो पेट्रोल इंजन बेस्ट है. वहीं लंबी दूरी में डीजल इंजन वाली गाड़ी आपको ज्यादा ऐवरेज निकालकर फायदा करवाएगी.

मेनटेनेंस

अगर सर्विस की बात करें तो डीजल-पेट्रोल कारों पर एक सा खर्च होता है, लेकिन डीजल गाड़ी के पुर्जे महंगे होते हैं.

प्राइस

किसी भी गाड़ी का डीजल वैरियंट पेट्रोल वाले से महंगा होता है. दोनों गाड़ियों के एक्स-शोरूम प्राइस में तकरीबन एक लाख रुपये तक का अंतर आ जाता है. हालांकि, डीजल कारों की कीमत में जल्दी गिरावट नहीं आती, इसलिए ये लोगों की पसंद बने रहते हैं.

रीसेल वैल्यू

डीजल गाड़ियों की रीसेल वैल्यू पेट्रोल से ज्यादा होती है. पेट्रोल कारों के इंजन भले ज्यादा चलें, लेकिन डीजल कारों की मार्केट में काफी डिमांड रहती है.

प्रदूषण

अगर आप पर्यावरण की चिंता करते हैं तो डीजल गाड़ी आपके लिए नहीं है. ये कारें पेट्रोल की तुलना में ज्यादा प्रदूषण फैलाती हैं. डीजल कार कार्बन डाइऑक्साइड तो कम प्रड्यूस करती हैं, लेकिन इसमें प्रदूषण के कण ज्यादा निकलते हैं.

बीमा

बीमे का हिसाब सीधा है, गाड़ी की कीमत जितनी ज्यादा होगी, इंश्योरेंस भी उतने ही ज्यादा में होगा. इस तरह से डीजल की गाड़ी का बीमा पेट्रोल की गाड़ी के मुकाबले 10-15 प्रतिशत ज्यादा रुपयों में होता है.

इसे भी पढ़ें – धनतेरस में करीब 450 करोड़ का कारोबार, युवाओं की पसंद बनीं 220 सीसी वाली बाइक

क्या है पेट्रोल और डीजल का झारखंड में हाल

पांच नवंबर या आज झारखंड की राजधानी रांची में पेट्रोल की कीमत 75.79 है. जबकि डीजल 74.96 है. दोनों में अंतर महज 0.83 रुपए का है. चार नवंबर को झारखंड सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों पर 2.5 रुपये वैट घटाने का ऐलान किया तो आम जनता की जेब को खासी राहत मिली. राज्य सरकार से पहले केंद्र ने भी पेट्रोल और डीज़ल पर से एक्साइज़ ड्यूटी 2.5 रूपए घटा दी थी. लिहाजा उस वक्त राज्य में पेट्रोल पांच रूपए प्रति लीटर सस्ता हो गया था. इससे डीजल 79.63 रुपये से कम होकर 74.63 रुपये प्रति लीटर हो गया था. जबकि पेट्रोल 82.39 रुपये से घटकर 77.39 पर पहुंच गया था. लगातार पेट्रोल और डीज़ल के दामों में इज़ाफा हो रहा था, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ता नज़र आ रहा था. लेकिन चार नवंबर को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल दोनों पर से एक्साइज ड्यूटी 1.5 रूपए कम की तो वही तेल कंपनियों ने भी पेट्रोल और डीज़ल के दाम एक रुपये प्रति लीटर अपनी तरफ से कम करने का ऐलान किया था.

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: