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सबरीमाला मंदिर में स्त्रियों के प्रवेश मामले में SC में पुनर्विचार याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने जब से सबरीमाला मंदिर में स्त्रियों के प्रवेश के अनुमति का फैसला दिया है, तब से केरल में प्रदर्शन हो रहे हैं.

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NewDelhi  सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला मंदिर में स्त्रियों के प्रवेश के मामले में राष्ट्रीय अयप्पा भक्त संघ ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. बता दें सुप्रीम कोर्ट ने जब से सबरीमाला मंदिर में स्त्रियों के प्रवेश के अनुमति का फैसला दिया है, तब से केरल में प्रदर्शन हो रहे हैं. खबरों के अनुसार विरोध की लहर अब केरल से बाहर   तमिलनाडु, कर्नाटक लेकर  दिल्ली तक पहुंच चुकी है. इन विरोध प्रदर्शनों में महिलाएं हिस्सा ले रही हैं.  इन  प्रदर्शनों के आलोक में केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने कि वे सोमवार को पंडालम रॉयल फैमिली और तंजनम इल्लम के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे. सीएम ने यह फैसला मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के रवैये में  नरमी आने के कारण लिया है.  बता दें कि पंडालम रॉयल फैमिली और तंजनम इल्लम सबरीमाला मंदिर में पूजा सहित अन्य व्यवस्था संभालते हैं.

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 सीपीएम अभी भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के समर्थन में हैं, लेकिन राजनीति और चीज है

सीपीएम अभी भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के समर्थन में हैं. लेकिन राजनीति और चीज है.  पिनारई विजयन ने पूर्व में ही साफ कर चुके हैं कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल नहीं करेंगे.  कहा कि मंदिर में जाने वाली स्त्रियों को सुरक्षा महैया कराई जायेगी. जान लें कि  27 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की स्त्रियों के प्रवेश करने की इजाजत दी थी. 10 से 50 वर्ष के आयु वर्ग के बीच स्त्रियों को अनुमति देने की पुरानी प्रथा समाप़्त कर दी थी. इससे पूर्व  इस वर्ग की स्त्रियां मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकती थीं.  बता दें कि सबरीमाला मंदिर में स्त्रियों के प्रवेश के मामले में कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच में शामिल चार जजों ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया था. हालांकि महिला न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा ने की अलग राय थी.

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