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सुप्रीम कोर्ट में ऑफलाइन परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज

गैरजिम्मेदाराना ढंग से जनहित याचिका का दुरुपयोग- सुप्रीम कोर्ट

New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य बोर्डों, सीबीएसई और आईसीएसई द्वारा कक्षा 10 वीं, 12 वीं की ऑफलाइन परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की याचिका से भ्रम पैदा होता है. ऐसी याचिकाएं छात्रों को झूठी उम्मीद देती हैं और कंफ्यूजन पैदा करती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये प्री मेच्योर याचिका है, ऐसी याचिकाओं से बच्चे गुमराह होंगे.

जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने कहा कि अधिकारी पहले से ही तारीखों और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं.

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यदि उन्हें अंतिम रूप देने के बाद कोई समस्या है तो पीड़ित पक्ष अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि ये गैरजिम्मेदाराना ढंग से जनहित याचिका का दुरुपयोग है.

बता दें कि बाल अधिकार कार्यकर्ता अनुभा सहाय श्रीवास्तव ने सोमवार को अर्जी दाखिल कर ऑफलाइन परीक्षा के बजाए वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति से कराने की मांग की थी. 15 से अधिक राज्यों के कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों ने ऑफलाइन परीक्षा को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की गयी थी.

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