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अंतरिम बजट निरस्त करने को लेकर SC में याचिका, याचिकाकर्ता वकील पर पूर्व में लग चुका है जुर्माना

संसद में शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश  किये जाने को लेकर SC  में याचिका दायर कर इसे निरस्त करने की गुहार लगाई गयी है. याचिका में आरोप लगाया गया कि अंतरिम बजट का संविधान में कोई प्रावधान नहीं है.

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NewDelhi : संसद में शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश  किये जाने को लेकर SC  में याचिका दायर कर इसे निरस्त करने की गुहार लगाई गयी है. खबरों के अनुसार याचिका में आरोप लगाया गया कि अंतरिम बजट का संविधान में कोई प्रावधान नहीं है.  बता दें कि अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि संविधान के तहत, केवल पूर्ण वार्षिक बजट और लेखानुदान पेश करने का प्रावधान है.  याचिका में यह भी कहा गया है कि लेखानुदान का मतलब चुनावी वर्ष में सीमित अवधि के लिए सरकारी खर्च को मंजूरी देना होता है. बाद में नयी चुनी हुई सरकार पूर्ण बजट पेश करती है. बता दें कि यह वही मनोहर लाल शर्मा हैं, जिन पर पिछले साल दिसंबर में SC ने रिजर्व बैंक की आरक्षित पूंजी से संबंधित मुद्दे पर तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था.  जान लें कि लोकसभा में  प्रभारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश किया जिसमें मध्यम वर्ग और किसानों के लिए कई लुभावनी घोषणाएं की गयी.

बजट भाजपा सरकार का बड़ा दांव माना जा रहा है

इसी साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं.  जान लें कि शुक्रवार को पेश केंद्र सरकार का अंतरिम बजट निम्न और लोअर मिडिल इनकम ग्रुप्स के लिए खास सौगात दिये जाने की बात कही गयी है.  कहा गया कि वेतनभोगी और पेंशनर्स के लिए बजट 2019 के प्रस्तावों का सबसे बड़ा फायदा टैक्स का बोझ कम होना है.   बजट प्रस्ताव में 5 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर टैक्स खत्म कर दिया गया है. इसके अलावा , लोगों के खाली पड़े दूसरे घर के डीम्ड रेंट पर लगने वाले टैक्स को भी खत्म कर दिया गया है.  यही वजह है कि बजट को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार का बड़ा दांव माना जा रहा है.

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