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केंद्र सरकार के स्थायी कर्मचारियों को हर साल कम से कम 20 दिनों की छुट्टी लेनी जरूरी !

केंद्र सरकार का फैसला है कि उसके सभी स्थायी कर्मचारियों को हर साल कम से कम 20 दिनों की छुट्टी लेनी होगी, बजाय सेवानिवृत्ति के समय उन्हें जमा करने के

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NewDelhi : केंद्र सरकार का फैसला है कि उसके सभी स्थायी कर्मचारियों को हर साल कम से कम 20 दिनों की छुट्टी लेनी होगी, बजाय सेवानिवृत्ति के समय उन्हें जमा करने के. बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा संचालित बैंकों ने अपने कर्मचारियों को 2018 के आखिर से दस दिन की छुट्टी पर भेजना शुरू कर दिया था. अक्टूबर में कई बैंकों में घोषित इस उपाय ने कर्मचारियों को चौंका दिया था.  बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से परे अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. इसी बीच सरकार ने यह फैसला किया. केंद्र सरकार के अनुसार सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टी की नयी नीति अपनाने का समय आ गया है. इस कदम को कर्मचारियों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के जरूरी कहा जा रहा है, ताकि कर्मचारी काम के साथ आराम करते रहे. जान लें कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर साल 30 दिन की छुट्टी दी जाती है (रक्षा कर्मचारियों के लिए यह 60 दिन है).

यह उनके दस आकस्मिक अवकाश और हर साल 19 अधिसूचित छुट्टियों से अलग हैं. इस बात को समझ लें कि कुछ कर्मचारी अपनी छुट्टियों का इस्तेमाल करते हैं, और लंबे अवकाश के लिए सप्ताहांत में अपनी एक या दो दिन की छुट्टी जोड़ते हैं.

कर्मचारी की सैलरी के अनुसार छुट्टियों की राशि दी जाती है

यह हर साल मिलने वाली 10 आकस्मिक छुट्टियां अगर कर्मचारी नहीं लेता है तो वह बेकार हो जाती हैं. लेकिन जमा की गयी छुट्टियों को रिटायरमेंट के समय सेवानिवृत लाभ के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी अधिकतम सीमा 300 है; बता दें कि कर्मचारी की सैलरी के अनुसार ही छुट्टियों की राशि दी जाती है. नतीजतन, लोग इन छुट्टियों का इस्तेमाल तब करना शुरू करते हैं जब वह 300 छुट्टियां इक्ट्ठी कर लेते हैं. सरकार इस आदत को तोड़ना चाहती है. जल्द ही इससे जुड़ा एक परिपत्र जारी किये जाने की संभावना है, यह निर्देश देते हुए कि किसी भी कैलेंडर वर्ष से 10 से ज्यादा छु्ट्टियों को जमा नहीं किया जा सकता है.

बता दें कि वित्त वर्ष 2019 के बजट अनुमानों के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने अपने असैनिक कर्मचारियों के भत्तों के लिए 63,249 करोड़ रुपये निर्धारित किये हैं; इसका अधिकांश हिस्सा छुट्टियों के बदले बदले भुगतान के लिए है; यह आंकड़ा वित्त वर्ष 18 के संशोधित अनुमान से 10 प्रतिशत अधिक है. वित्त वर्ष 17 से साल दर साल वृद्धि 5.2 प्रतिशत थी.

 

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