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मानव श्रृंखला बनाकर रसोईया संयोजिकाओं ने किया प्रदर्शन

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Ranchi: झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोईया संयोजिका अध्यक्ष संघ की ओर से तीन दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को भी जारी रहा. इसी क्रम में शुक्रवार की सुबह संघ के सदस्यों ने मानव श्रृंखला बना कर विरोध प्रदर्शन किया. धरना स्थल से मानव श्रृंखला के रूप में कचहरी चैक तक गयी और फिर अपने स्थान में आ गयी. इस दौरान में संघ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के विरोध में नारेबाजी की.मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि सरकार विद्यालयों का विलय तो कर रही है, साथ ही मिड डे मी‍ल स्‍कीम को भी निजी कंपनियों के हाथों में देने की प्‍लानिंग कर रही है. सरकार के इस रवैये से पहले से मध्याह्न भोजन में लगे कर्मचारी बेरोजगार हो जायेंगे. सरकार ऐसी योजनाएं आम जनता के हितों को नजरअंदाज कर बना रही है. प्रजापति ने कहा कि जब तक सरकार रसोईयों की बात नहीं मान लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. आंदोलन के क्रम में शाम को मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया गया.

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मुफ्त में काम लिया जा रहा

प्रदेश महासचिव प्रेमनाथ विश्वकर्मा ने कहा कि जब से योजना लागू की गयी है, तब से रसोईया संयोजिका से एक तरह से मुफ्त में काम लिया जा रहा है. जब-जब संयोजिकाओं की ओर से वेतन की मांग की गयी, तब तक लोगों को बेरोजगार कर दिया गया. ऐसे में सरकार को चाहिये कि‍ पहले जिन रसोईयों को नौकरी से हटाया गया है उन्हें वापस लाया जाये.

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15 सूत्री मांगों के लिए कर रहे प्रदर्शन

तीन दिनों से विद्यालय रसोईया 15 सूत्री मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं. जिसमें मुख्य रूप से हटाये गये रसोईयों को वापस लाने, रसोईयों को सरकारी प्रमाण पत्र देने, तमिलनाडु की तरह चतुर्थ कर्मचारी का दर्जा देने, 18 हजार प्रति माह वेतन समेत अन्य मांग किया गया है. इस दौरान अनिता देवी, रामानुज सिंह, देवकी सिंह, रजनी लुगुन, माया देवी, रूकसाना बेगम, गीता देवी, सुमित्रा देवी, मरयम सुखमनी समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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