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शुभ मुहूर्त में करें लक्ष्मी पूजा, नियमों का करें पालन

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Ranchi : दिवाली को लेकर हर ओर उत्साह है. घरों में इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी है. लेकिन, अन्य तैयारियों के साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है. कार्तिक मास की अमावस्या को मनायी जानेवाली दिवाली की अपनी मान्यताएं हैं. ऐसे तो दिवाली का पूरा दिन ही लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन संध्याकालीन पूजा के अपने महत्व हैं. पहाड़ी मंदिर के पंडित मनोज ने जानकारी दी कि इस साल का पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 8 बजे से 9.30 बजे तक, पुनः सुबह 10.30 बजे से दोपहर एक बजे तक,  दोपहर 1.30 बजे से संध्या 6 बजे तक, वहीं संध्या 7.30 बजे से रात 12.15 बजे तक शुभ मुहूर्त है.

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लक्ष्मी के साथ गणेश और कुबेर की करें पूजा

उन्होंने बताया कि दिवाली में यूं तो विशेष रूप से लक्ष्मी पूजा की जाती है, लेकिन मां लक्ष्मी के साथ ही गणेश और कुबेर की भी पूजा की जानी चाहिए. सामर्थ्य अनुसार लक्ष्मी पूजा के दौरान सोने की कोई भी वस्तु रखकर पूजा की जानी चाहिए. वहीं, समृद्धि के प्रतीकवाले अन्य सामान की भी पूजा करनी चाहिए. कुबेर की पूजा बही-खाता और धन प्राप्ति के लिए की जाती है.

कैसे करें लक्ष्मी पूजा

मां लक्ष्मी और गणेशजी की प्रतिमाओं को चौकी पर रखें. ध्यान रहे कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर रहे और लक्ष्मीजी की प्रतिमा गणेशजी की दाहिनी ओर रहे. कलश को लक्ष्मीजी के पास चावलों पर रखें. नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर उसे कलश पर रखें. यह कलश वरुण का प्रतीक होता है. घी का दीपक गणेशजी और तेल का दीपक लक्ष्मीजी के सम्मुख रखें. मां लक्ष्मी को प्रिय कमल फूल इस दिन जरूर चढ़ाना चाहिए.

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घर में पूजा करने पर ये करें

लक्ष्मी पूजा पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके करें, मुहूर्त का ध्यान रखें. घर में लक्ष्मी पूजा के दौरान नवग्रह पूजा न करें, कलश और नारियल को हमेशा लाल वस्त्र से लपेटकर रखें, लक्ष्मी का प्रतीक धान, सोने के सिक्के या कुछ रुपये रखकर पूजा करें.

ये लग्न है शुभ

वृश्चिक लग्न के लिए सुबह 7.26 से 9.21 बजे तक, कुंभ लग्न के लिए दोपहर 1.11 से 2.40 तक वृष लग्न शाम 5.40 से 7.40 बजे तक, सिंह लग्न के लिए 12.15 से 2.30 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है.

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